आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चीन ने सोमवार को प्रशांत महासागर में अपनी एक परमाणु संचालित पनडुब्बी से लंबी दूरी तक प्रहार करने में सक्षम मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिस पर जापान और ऑस्ट्रेलिया ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, चीन की नौसेना ने कहा कि उसकी एक परमाणु पनडुब्बी ने दोपहर 12 बजकर एक मिनट पर प्रशांत महासागर की ओर एक सामरिक मिसाइल का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया जो ‘डमी’ हथियार से लैस थी।
खबर में कहा गया है कि मिसाइल निर्धारित जलक्षेत्र में सटीक तरीके से गिरी।
नौसेना ने कहा कि यह परीक्षण प्रक्षेपण उसके वार्षिक प्रशिक्षण की एक नियमित व्यवस्था है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने संबंधित देशों को पहले ही अग्रिम सूचना दे दी थी।
नौसेना ने मिसाइल और उसकी प्रहार क्षमता की विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा कि यह प्रक्षेपण अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है, और किसी विशिष्ट देश या लक्ष्य पर केंद्रित नहीं है।
जापान और ऑस्ट्रेलिया ने पुष्टि की कि उन्हें प्रक्षेपण की अग्रिम सूचना दी गई थी। हालांकि, इन्होंने इस परीक्षण के लिए चीन की आलोचना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में चीन के बड़े पैमाने पर जारी सैन्य निर्माण को दर्शाता है।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि यह प्रक्षेपण ‘‘क्षेत्र के लिए अस्थिरता पैदा करने वाला’’ है। हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने अपनी खबर में वोंग के हवाले से कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रस्तावित मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया जा रहा है, जब चीन तेजी से अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है। इस सैन्य विस्तार को लेकर चीन अपेक्षित पारदर्शिता नहीं बरत रहा है और न ही उसके इरादों को लेकर क्षेत्रीय देशों को पर्याप्त भरोसा मिल रहा है।’’