हवाना
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन फिलहाल अमेरिकी सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्यूबा को धमकी देने के एक दिन बाद आया। ट्रंप ने कहा था कि क्यूबा को “बहुत देर होने से पहले समझौता कर लेना चाहिए,” और इसे वेनेजुएला पर अमेरिका के हालिया हमले से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्यूबा के राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए संदेशों में कहा कि अमेरिका और क्यूबा के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए शत्रुता, धमकियों और आर्थिक दबाव के बजाय अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि क्यूबा हमेशा से अमेरिकी सरकारों के साथ “समानता, पारस्परिक सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों” पर आधारित गंभीर और जिम्मेदार संवाद के लिए तैयार रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्यूबा अपनी आंतरिक मामलों में किसी भी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा और अपनी स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान चाहता है।
रविवार को ट्रंप ने दावा किया था कि क्यूबा अब वेनेजुएला से मिलने वाले तेल और धन पर निर्भर नहीं रहेगा। इस बीच, अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला में एक हमले में 32 क्यूबाई अधिकारियों को मार डाला और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया। इस हमले के बाद क्यूबा-यूएस संबंधों में और तनाव बढ़ गया है।
टेक्सास विश्वविद्यालय के ऊर्जा संस्थान के जॉर्ज पिनोन के अनुसार, अमेरिका के हमले से पहले क्यूबा को वेनेजुएला से लगभग 35,000 बैरल प्रतिदिन, मैक्सिको से लगभग 5,500 बैरल प्रतिदिन और रूस से लगभग 7,500 बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल मिल रहा था। ट्रंप की धमकी के बाद क्यूबा ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी विदेशी दबाव में नहीं आएगा और अपनी ऊर्जा आपूर्ति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा।
क्यूबा का रुख स्पष्ट है: वह अमेरिका के शत्रुतापूर्ण रुख के बावजूद अंतरराष्ट्रीय कानून और समानता के आधार पर शांतिपूर्ण बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन धमकी और हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा। मिगुएल डियाज़-कैनेल ने इस संदेश के जरिए अमेरिका को चेतावनी दी कि क्यूबा अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता पर समझौता नहीं करेगा।