ईरान-अमेरिका समझौते की 12 शर्तें आईं सामने

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 17-06-2026
12 conditions of the Iran-US agreement revealed.
12 conditions of the Iran-US agreement revealed.

 

वॉशिंगटन:

अमेरिका और ईरान के बीच हुए कथित 60 दिवसीय अंतरिम समझौते को लेकर नई जानकारी सामने आई है। इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत अस्थायी युद्धविराम और तनाव कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर सहमति बनी है। हालांकि अमेरिका और ईरान ने आधिकारिक रूप से समझौते की विस्तृत शर्तों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इजरायली चैनल 12 ने कथित तौर पर इस समझौते की प्रमुख शर्तें सार्वजनिक की हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, समझौते के बाद ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोल दिया है। दूसरी ओर, अमेरिका ने कथित रूप से अपनी नौसैनिक नाकाबंदी में ढील देने और तनाव कम करने के कदम उठाने पर सहमति जताई है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, समझौते का पहला उद्देश्य दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष टकराव को रोकना है। इसमें ईरान द्वारा अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को रोकने की प्रतिबद्धता शामिल बताई गई है। साथ ही ईरान ने यह भी दोहराया है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और न ही उन्हें हासिल करने की कोशिश करेगा।

कथित शर्तों के अनुसार, दोनों पक्ष ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर आगे की बातचीत जारी रखेंगे। जब तक अंतिम समझौते पर चर्चा चलती रहेगी, तब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति को बनाए रखेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरिम अवधि के दौरान अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा और क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को और नहीं बढ़ाएगा। इसके बदले ईरान अगले 60 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करेगा।

समझौते की एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी बताई जा रही है कि अमेरिका ईरान की कुछ जमी हुई संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों को जारी करने पर सहमत हुआ है। इसके अलावा तेहरान को अस्थायी रूप से तेल निर्यात करने के लिए प्रतिबंधों में राहत देने की भी बात कही गई है, ताकि वार्ता प्रक्रिया प्रभावित न हो।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि दोनों देशों के बीच अंतिम और व्यापक समझौता हो जाता है तो अमेरिका 30 दिनों के भीतर क्षेत्र से अपने सैनिकों की वापसी पर विचार कर सकता है। साथ ही ईरान पर लगाए गए विभिन्न आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

सबसे चर्चित प्रावधानों में से एक ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के संभावित कोष का प्रस्ताव है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त फारस की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री परिवहन और जहाजरानी से जुड़े नियमों पर ईरान और ओमान के बीच नई वार्ता आयोजित करने की बात भी सामने आई है, जिसमें खाड़ी देशों की भागीदारी संभव बताई गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये शर्तें वास्तव में समझौते का हिस्सा हैं और दोनों पक्ष इनका पालन करते हैं, तो इससे पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि अभी तक न तो वॉशिंगटन और न ही तेहरान ने इन कथित 12 शर्तों की आधिकारिक पुष्टि की है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब दोनों देशों की आगामी घोषणाओं और कूटनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई है।