आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका में आर्य समाज ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन ने नेपाल में बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए 1,74,000 अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं।
आर्य समाज एक हिंदू सुधार आंदोलन है, जिसकी स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में की थी। यह वेदों की शिक्षाओं को बढ़ावा देता है और सामाजिक एवं शैक्षणिक सुधारों की वकालत करता है।
सितंबर में नेपाल में काम कर रहे कर्मियों द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद ह्यूस्टन समुदाय के 146 दानदाताओं के योगदान से यह राशि जुटाई गई। इन कर्मियों ने बाढ़ से हुए नुकसान के वीडियो और ताजा जानकारी साझा की थी।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में करीब 1,400 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
रविवार को आर्य समाज ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन (एएसजीएच) ने सेवा इंटरनेशनल को एक लाख अमेरिकी डॉलर दान किए। यह राशि आपदा राहत, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में इस गैर-लाभकारी संस्था के कार्यों में सहयोग देने के लिए दी गई।
शेष 74,000 अमेरिकी डॉलर दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा को दिए गए, जो संगठन की दिल्ली स्थित केंद्रीय प्रशासनिक इकाई है। इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ के बाद उनके आपदा राहत कार्यों के लिए किया जाएगा।
एएसजीएच के प्रतिनिधियों देवेंद्र महाजन, आशुतोष गर्ग और संजय जैन ने सेवा इंटरनेशनल के अधिकारियों को यह राशि सौंपी। इनमें ह्यूस्टन अध्यक्ष डॉ. प्रणव लोयालका और अमेरिका उपाध्यक्ष निखिल जैन शामिल थे।