काबुल/नई दिल्ली।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में आईएसआईएस से जुड़े ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। अफगान प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के खिलाफ की गई है।
अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हवाई हमले बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानान क्षेत्र, खैबर पख्तूनख्वा के चित्राल स्थित शाह सलीम घाटी और कंबर खेल इलाके में किए गए। मंत्रालय का दावा है कि इन स्थानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान के भीतर हिंसक गतिविधियों और हमलों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था।
अफगान तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया कि इन ठिकानों से अफगान नागरिकों और सुरक्षा बलों के खिलाफ तोड़फोड़ और हमलों का समन्वय किया जा रहा था। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सरानान क्षेत्र में स्थित एक स्कूल भी निशाने पर लिया गया, जिसके बारे में अफगान अधिकारियों का दावा है कि उसका उपयोग आईएसआईएस और अन्य उग्रवादी तत्व कर रहे थे।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "अफगान रक्षा मंत्रालय की वायुसेना ने बलूचिस्तान प्रांत के पिशिन जिले के सरानान क्षेत्र में आईएसआईएस के संयुक्त केंद्र और अन्य विघटनकारी तत्वों के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।"
हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के सप्ताहों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बढ़ा है। अफगान अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में पाकिस्तान की ओर से सीमा पार किए गए हवाई हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए थे।
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (यूएनएएमए) के अनुसार, हालिया सीमा पार हमलों में कम से कम 28 नागरिकों की मौत हुई और 49 अन्य घायल हुए थे। यूएनएएमए ने यह भी कहा है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
इस बीच, भारत ने भी अफगान क्षेत्र में हुए कथित पाकिस्तानी हवाई हमलों पर चिंता जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत अफगान क्षेत्र में हुए हवाई हमलों की निंदा करता है, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक हताहत हुए हैं। इस प्रकार की कार्रवाई क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती है।"
दूसरी ओर, पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी उग्रवादी संगठन करते हैं। हालांकि, तालिबान प्रशासन इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है। अफगान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान की सुरक्षा चुनौतियां उसका आंतरिक मामला हैं और इसके लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा है कि देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले किसी भी ठिकाने को निशाना बनाया जाएगा।
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और विवादों को कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने की अपील कर रहा है।