योग ने बदली डॉ. प्रिया आहूजा की जिंदगी

Story by  अर्सला खान | Published by  [email protected] | Date 21-06-2026
Yoga changed the life of Dr. Priya Ahuja
Yoga changed the life of Dr. Priya Ahuja

 

अर्सला खान/नई दिल्ली 

धर्म और आध्यात्म की नगरी हरिद्वार की गलियों में आज सिर्फ आस्था की गूंज ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश भी सुनाई देता है। इस बदलाव के केंद्र में हैं गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर, फिटनेस कोच और कर्मा वेलनेस सेंटर की संस्थापक डॉ. प्रिया आहूजा, जिन्होंने फिटनेस को केवल शरीर तक सीमित न रखकर उसे जीवन जीने का एक संपूर्ण तरीका बना दिया है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आवाज द वॉयस से विशेष बातचीत में डॉ. प्रिया आहूजा ने महिलाओं, युवाओं और समाज के लिए योग और फिटनेस के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि योग ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया और उन्हें एक नई दिशा दी।
 
डॉ. प्रिया आहूजा ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाला विज्ञान है। उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी में योग एक वरदान बनकर आया। योग की बदौलत मैंने न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाया बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और मानसिक शांति भी प्राप्त की। यही कारण है कि मैं आज भी हर व्यक्ति को योग अपनाने की सलाह देती हूं।”
 
आपकी जिंदगी में योग का क्या महत्व है?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि योग ने मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। यह कहना गलत नहीं होगा कि योग ने मुझे नया जीवन दिया। मैंने योग के माध्यम से न केवल शारीरिक रूप से खुद को मजबूत बनाया बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी संतुलन हासिल किया। आज जो कुछ भी हूं, उसमें योग का बहुत बड़ा योगदान है।
 
आपने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है। यह अनुभव कैसा रहा?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि यह मेरे जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है। योग आसनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण मुझे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिले। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि मैं लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित कर पा रही हूं।
 
फिटनेस क्यों जरूरी है?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिटनेस बहुत जरूरी है। फिटनेस का मतलब सिर्फ अच्छा दिखना नहीं है। इसका अर्थ है स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच। अगर हम फिट रहेंगे तो जीवन की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर पाएंगे और बीमारियों से भी दूर रहेंगे।
 
जिम और योग को लेकर लोगों में क्या मिथक हैं?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि योग सिर्फ बुजुर्गों के लिए है और फिटनेस के लिए केवल जिम जरूरी है। जबकि ऐसा नहीं है। योग हर उम्र के लोगों के लिए लाभदायक है। यह शरीर को भीतर से मजबूत करता है और मानसिक शांति देता है। वहीं जिम शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद करता है। दोनों का अपना महत्व है।
 
 फिटनेस को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी क्या है?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि लोग सोचते हैं कि फिट रहने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना या बहुत कठिन डाइट करना जरूरी है। जबकि फिटनेस की असली कुंजी नियमितता है। रोजाना थोड़ी देर योग, व्यायाम और संतुलित भोजन आपको लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।
 
युवाओं के लिए योग कितना जरूरी है?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि आज का युवा वर्ग मोबाइल और सोशल मीडिया पर काफी समय बिताता है। इससे तनाव, चिंता और शारीरिक निष्क्रियता बढ़ रही है। योग युवाओं को मानसिक शांति, एकाग्रता और आत्मविश्वास देता है। पढ़ाई, करियर और व्यक्तिगत जीवन में सफल होने के लिए योग बहुत मददगार है।
 
सूर्य नमस्कार रोज क्यों करना चाहिए?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि सूर्य नमस्कार अपने आप में एक संपूर्ण व्यायाम है। इससे पूरे शरीर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। नियमित सूर्य नमस्कार करने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक मजबूत बनता है।
 
कर्मा वेलनेस सेंटर की शुरुआत का उद्देश्य क्या था?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि मेरा उद्देश्य महिलाओं को एक ऐसा सुरक्षित और प्रेरणादायक मंच देना था जहां वे अपने स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को मजबूत कर सकें। आज कर्मा वेलनेस सेंटर कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है और यही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है।
 
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आप लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगी?

डॉ. प्रिया आहूजा बताती हैं कि मैं सभी से कहना चाहती हूं कि योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाइए। यह केवल एक दिन मनाने का विषय नहीं है, बल्कि रोजाना अपनाने की आदत है। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए योग सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।
 
योगा से क्या होगा?

डॉ. प्रिया आहूजा मुस्कुराईं और बेहद सकारात्मक अंदाज में कहा "योग से सबकुछ होगा। स्वस्थ शरीर मिलेगा, शांत मन मिलेगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा, सकारात्मक सोच विकसित होगी और जीवन को नई दिशा मिलेगी। योग सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।"