नई दिल्ली:
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी युवराज सिंह ने पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के फैसले पर भावुक प्रतिक्रिया दी है। युवराज ने रोनाल्डो को सच्चा दिग्गज, सर्वकालीन महान खिलाड़ी (GOAT) और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने फुटबॉल के मैदान पर रोनाल्डो के 23 वर्षों के शानदार सफर की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
रोनाल्डो ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश साझा कर पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के साथ अपने लंबे सफर को अलविदा कहा। इस दौरान उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व और कृतज्ञता भी जाहिर की।
रोनाल्डो ने कहा कि अब पुर्तगाल की टीम की प्रतिष्ठित सात नंबर की जर्सी किसी और खिलाड़ी को सौंपने का समय आ गया है। उन्होंने अपने इस फैसले को भावनात्मक बताते हुए कहा कि अगस्त 2003 में शुरू हुआ उनका अंतरराष्ट्रीय करियर जिंदगी बदल देने वाला सफर रहा है।
युवराज सिंह ने इंस्टाग्राम पर अपने संदेश में रोनाल्डो के संघर्ष और उपलब्धियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मेडिरा के एक छोटे से लड़के से दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल होने तक रोनाल्डो का सफर महत्वाकांक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत की मिसाल है।
युवराज ने कहा कि रोनाल्डो ने अपने करियर में हर चुनौती, मुश्किल और असफलता के बावजूद खुद को लगातार बेहतर बनाया। उन्होंने केवल महान खिलाड़ी बनने का सपना नहीं देखा, बल्कि उसे पूरा करने के लिए मेहनत की, त्याग किया और अपनी क्षमताओं की नई सीमाएं तय कीं।
युवराज के मुताबिक, रोनाल्डो के रिकॉर्ड, ट्रॉफियां और पांच बैलन डी'ओर पुरस्कार उनकी सफलता की एक कहानी बताते हैं, जबकि इन उपलब्धियों के पीछे छिपा संघर्ष, अनुशासन और दृढ़ संकल्प उनकी दूसरी बड़ी कहानी है।
युवराज सिंह ने रोनाल्डो को उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका सफर बड़े सपने देखने, लगातार आगे बढ़ने और कभी संतुष्ट होकर न रुकने की सीख देता है।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा, "आपका करियर बड़े सपने देखने का साहस, आगे बढ़ते रहने की भूख और कभी समझौता न करने के विश्वास का प्रमाण है। क्रिस्टियानो, आपके असाधारण अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए बधाई। आने वाले जीवन के लिए मेरी शुभकामनाएं। आप सच्चे दिग्गज हैं। आप सर्वकालीन महान खिलाड़ी हैं और पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं।"
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में कजाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने करीब 23 वर्षों तक देश का प्रतिनिधित्व किया।
इस दौरान वह पुर्तगाल के कप्तान बने और टीम को कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलताओं तक पहुंचाया। उनके करियर में छह यूरोपीय चैंपियनशिप और छह फीफा विश्व कप संस्करणों में भागीदारी शामिल रही।
रोनाल्डो के नाम पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक 234 मैच खेलने का रिकॉर्ड है। इसके अलावा उन्होंने पुर्तगाल के लिए 146 अंतरराष्ट्रीय गोल किए हैं। गोल के मामले में भी वह दुनिया के अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से काफी आगे हैं।
रोनाल्डो का संन्यास अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के एक ऐतिहासिक अध्याय का अंत है। उनके रिकॉर्ड, खेल के प्रति समर्पण और लगातार खुद को बेहतर बनाने की क्षमता उन्हें फुटबॉल इतिहास के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल करती है। युवराज सिंह की बधाई ने भी यह दिखाया है कि खेल की दुनिया में महान उपलब्धियों और संघर्ष का सम्मान सीमाओं से परे किया जाता है।