टेनिस दिग्गज सानिया मिर्जा, महेश भूपति एआईटीए जनरल बॉडी के लिए चुने गए

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 05-11-2026
Tennis legends Sania Mirza, Mahesh Bhupathi elected to AITA General Body
Tennis legends Sania Mirza, Mahesh Bhupathi elected to AITA General Body

 

नई दिल्ली 
 
भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी सानिया मिर्जा और महेश भूपति को 'आउटस्टैंडिंग मेरिट' (SOM) वाले खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के रूप में ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) की जनरल बॉडी में चुना गया है। इसके साथ ही, वे राष्ट्रीय टेनिस महासंघ के प्रशासनिक ढांचे में शामिल हो गए हैं। अब सबकी नज़रें गुरुवार को होने वाले AITA कार्यकारी समिति (एग्जीक्यूटिव कमिटी) के चुनावों पर टिकी हैं, जहाँ ये दोनों पूर्व खिलाड़ी निर्णय लेने वाली इस संस्था में अपनी जगह बनाने की कोशिश करेंगे।
 
AITA के संशोधित संविधान के अनुसार, इसकी जनरल बॉडी में SOM श्रेणी से चार प्रतिनिधि (दो पुरुष और दो महिला) शामिल होंगे। इनमें से दो प्रतिनिधि (हर श्रेणी से एक-एक) 15 सदस्यीय कार्यकारी समिति का हिस्सा बनेंगे। यह चयन प्रक्रिया व्यापक प्रशासनिक सुधारों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट' और 'नेशनल स्पोर्ट्स बॉडीज़ रूल्स, 2026' के तहत राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रशासन में पूर्व खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाना है। SOM पदों के लिए कुल 26 आवेदन मिले थे, जिनमें 18 पुरुष और 8 महिला खिलाड़ी शामिल थे। आवेदकों में कई पूर्व भारतीय खिलाड़ी और डेविस कप प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें दो बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन रोहन बोपन्ना, पूर्व डेविस कप कप्तान आनंद अमृतराज और गौरव नाटेकर प्रमुख हैं।
 
महेश भूपति, जो डबल्स में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी रह चुके हैं, भारत के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने 12 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते, जिनमें 4 पुरुष डबल्स और 8 मिक्स्ड डबल्स के खिताब शामिल हैं। लिएंडर पेस के साथ उनकी डबल्स जोड़ी बहुत सफल रही और दोनों ने मिलकर कई ग्रैंड स्लैम खिताब जीते।
वहीं, सानिया मिर्जा 2015 में महिला डबल्स में दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी बनीं। उन्होंने कुल 6 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते, जिनमें 3 महिला डबल्स और 3 मिक्स्ड डबल्स के खिताब शामिल हैं। उन्होंने फरवरी 2023 में पेशेवर टेनिस से संन्यास ले लिया था। AITA के चुनाव 27 नवंबर को होने हैं। प्रशासनिक ढांचे में पूर्व खिलाड़ियों के शामिल होने से उम्मीद है कि भारतीय टेनिस के प्रशासन में खिलाड़ियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।