नई दिल्ली
भारतीय शूटिंग जगत की उभरती सितारा Suruchi Singh ने महज 19 वर्ष की उम्र में जिस तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई है, उसने उन्हें भविष्य की बड़ी उम्मीदों में शामिल कर दिया है। पिछले वर्ष पेरू में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप में उन्होंने ओलंपिक पदक विजेता Manu Bhaker को पछाड़ते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 243.6 का शानदार स्कोर किया था। यह स्कोर मनु के 242.3 से बेहतर रहा और उसी वर्ष दोहा में वर्ल्ड कप फाइनल में 245.1 अंक के साथ जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
हाल ही में एशियाई चैंपियनशिप में टीम स्पर्धा में स्वर्ण और मिश्रित टीम इवेंट में रजत पदक जीतकर उन्होंने नए सत्र की भी मजबूत शुरुआत की है। बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड समारोह के दौरान बातचीत में सुरुचि ने साफ कहा, “मैं अपने खेल से खुश हूं, लेकिन संतुष्ट नहीं हूं। अभी मुझे बहुत कुछ हासिल करना है। पिछले साल की शुरुआत और अंत अच्छा रहा, और इस साल भी शुरुआत सकारात्मक रही है। मैं देश के लिए और ज्यादा पदक जीतना चाहती हूं।”
हरियाणा की इस युवा शूटर ने पिछले साल अर्जेंटीना, पेरू और जर्मनी में आयोजित तीन ISSF वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में कुल पांच पदक—जिनमें चार स्वर्ण शामिल थे—अपने नाम किए थे। दोहा में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में उनका प्रदर्शन करियर का अहम मोड़ साबित हुआ, जहां उन्होंने 245.1 अंक के साथ खिताब जीता और मनु भाकर का छह साल पुराना जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
पेरू में मनु के साथ हुई टक्कर पर सुरुचि ने कहा कि उनका लक्ष्य किसी खास खिलाड़ी को हराना नहीं था। “मैं सिर्फ अपने लिए और अपने देश के लिए खेलती हूं। मेरा फोकस अपने प्रदर्शन पर रहता है,” उन्होंने स्पष्ट किया।
आने वाले एशियन गेम्स (जापान) और विश्व चैंपियनशिप को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं। “यह साल मेरे लिए बहुत दिलचस्प रहने वाला है। एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट सामने हैं। मैं पिछले साल से लगातार अभ्यास कर रही हूं और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हूं,” उन्होंने कहा।
कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतरता और आत्मविश्वास दिखाने वाली सुरुचि सिंह भारतीय शूटिंग के भविष्य की मजबूत दावेदार बन चुकी हैं। उनके शब्दों में झलकती भूख और अनुशासन यह संकेत देते हैं कि यह तो बस शुरुआत है—अभी कई और शिखर उनका इंतजार कर रहे हैं।




