World Cup winner Andrea Pirlo to take charge of the Italian team.
नई दिल्ली
चार बार की फीफा विश्व चैंपियन इटली फुटबॉल टीम जल्द ही अपने नए मुख्य कोच के नाम की घोषणा कर सकती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2006 फीफा विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य रहे एंड्रिया पिरलो राष्ट्रीय टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी नियुक्ति लगभग तय हो चुकी है और आने वाले दिनों में इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, पिरलो मौजूदा कोच गेनारो गट्टूसो की जगह लेंगे। इटली फुटबॉल महासंघ ऐसे कोच की तलाश में था जो टीम को फिर से विश्व फुटबॉल की शीर्ष पंक्ति में पहुंचा सके। इसी क्रम में पहले दुनिया के दो सबसे सफल कोच पेप गार्डियोला और कार्लो एंसेलोटी से भी संपर्क किया गया, लेकिन दोनों ने यह प्रस्ताव स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
गार्डियोला और एंसेलोटी ने ठुकराया प्रस्ताव
इतालवी पत्रकार मैटियो मोरेटो की रिपोर्ट के अनुसार, इटली फुटबॉल महासंघ ने सबसे पहले अनुभवी कोच कार्लो एंसेलोटी से बातचीत की थी। इसके बाद मैनचेस्टर सिटी के कोच पेप गार्डियोला से भी संपर्क किया गया। हालांकि, दोनों दिग्गज प्रशिक्षकों ने राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभालने से इनकार कर दिया।
तकनीकी निदेशक पाओलो माल्डिनी और विशेष सलाहकार लियोनार्डो ने भी पुष्टि की कि एंसेलोटी से पहले बातचीत हुई थी और बाद में गार्डियोला से संपर्क किया गया, लेकिन दोनों की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
अब पिरलो पर जताया भरोसा
इनकार के बाद इटली फुटबॉल महासंघ की नजर पूर्व मिडफील्ड स्टार एंड्रिया पिरलो पर गई। 47 वर्षीय पिरलो को इटली के सबसे महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने 2006 विश्व कप जीतने वाली टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अपने शानदार खेल के कारण फुटबॉल इतिहास के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डरों में शामिल माने जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पिरलो की नियुक्ति लगभग तय है और उनका अनुबंध 2030 फीफा विश्व कप तक प्रभावी रह सकता है।
यूएई क्लब से जुड़ने के बाद नई जिम्मेदारी
एंड्रिया पिरलो हाल ही में जुलाई 2025 में यूएई प्रो लीग क्लब यूनाइटेड एफसी से जुड़े थे। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उनके मौजूदा अनुबंध को समाप्त करने में किसी प्रकार की बाधा आने की संभावना नहीं है। यदि इटली फुटबॉल महासंघ आधिकारिक घोषणा करता है तो वह जल्द ही राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
वेतन भी रहेगा अपेक्षाकृत कम
रिपोर्टों के अनुसार, पिरलो को मुख्य कोच के रूप में सालाना लगभग 15 लाख यूरो का वेतन मिलेगा। यह राशि उन वेतनों की तुलना में काफी कम है, जो पेप गार्डियोला, कार्लो एंसेलोटी, एंटोनियो कॉन्टे या रॉबर्टो मैनसिनी जैसे शीर्ष कोचों को नियुक्त करने के लिए खर्च करनी पड़ती।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम लागत में विश्व कप विजेता खिलाड़ी और युवा कोच पर भरोसा जताकर इटली फुटबॉल महासंघ लंबी अवधि की रणनीति पर काम कर रहा है।
कोचिंग करियर रहा उतार-चढ़ाव भरा
हालांकि खिलाड़ी के रूप में एंड्रिया पिरलो का करियर बेहद शानदार रहा, लेकिन कोच के रूप में उनका सफर मिश्रित रहा है। उन्होंने जुवेंटस के साथ अपने पहले ही सीजन में कोपा इटालिया का खिताब जीतकर अच्छी शुरुआत की थी।
इसके बाद उन्होंने तुर्की के क्लब फातिह कारागुमरुक और इटली के सीरी-बी क्लब सैम्पडोरिया का भी मार्गदर्शन किया। अब यदि उनकी नियुक्ति होती है तो पहली बार उन्हें इटली की राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि पिरलो की नियुक्ति से इटली की टीम में नई ऊर्जा और नई सोच देखने को मिल सकती है। 2006 के विश्व विजेता खिलाड़ी के अनुभव और आधुनिक फुटबॉल की समझ के दम पर इटली एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा हासिल करने की कोशिश करेगा।