महिला हॉकी विश्व कप : आसान नहीं रहा भारत का 1974 से 2022 तक का सफर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 10-08-2026
Women's Hockey World Cup: India's journey from 1974 to 2022 hasn't been easy
Women's Hockey World Cup: India's journey from 1974 to 2022 hasn't been easy

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारतीय हॉकी का जिक्र होता है तो आठ बार की ओलंपिक चैम्पियन पुरूष टीम की समृद्ध विरासत की बात होती है लेकिन महिला हॉकी का सफर संघर्षों और खुद को साबित करने की ललक का रहा है ।

फ्रांस में 1974 में खेले गए पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने से 2022 में नौवे स्थान पर रहने तक भारतीय महिला हॉकी टीम का सफर संघर्षों से भरा रहा है और अब तक हुए 15 संस्करणों में यह टीम आठ बार ही नजर आई है ।
 
महिला हॉकी विश्व कप आज तक सिर्फ चार टीमों ने जीता है जिनमें नीदरलैंड नौ बार चैम्पियन रही जबकि अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया और जर्मनी ने दो दो बार खिताब जीता ।
 
विश्व कप 1974 से 2022 तक , फ्रांस से स्पेन तक भारतीय महिला हॉकी टीम का सफर :
 
1974 फ्रांस :
 
अजिंदर कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने नीदरलैंड जैसी मजबूत टीम को ग्रुप चरण में हराकर सभी को चौंका दिया था । मैक्सिको और स्पेन को हराने वाली यह टीम बेल्जियम से एकमात्र पराजय के बाद ग्रुप में शीर्ष पर रही लेकिन सेमीफाइनल में अर्जेंटीना एक गोल से हार गई । कांस्य पदक के मुकाबले में उसे पश्चिम जर्मनी ने 2 . 0 से हराया ।
 
भारतीय टीम भले ही पदक नहीं जीत पाई लेकिन इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देश में महिला हॉकी को गंभीरता से लेने पर मजबूर किया । नीदरलैंड ने अर्जेंटीना को एक गोल से हराकर खिताब जीता और पूरे टूर्नामेंट में नीदरलैंड को हराया तो सिर्फ भारत ने ।
 
1976 बर्लिन :
 
पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बावजूद भारतीय महिला हॉकी टीम आर्थिक दिक्कतों, संस्थागत प्रायोजन के अभाव और भारतीय महिला हॉकी संघ के पास कोष नहीं होने के कारण दूसरे विश्व कप में भाग नहीं ले सकी ।
 
1978 मैड्रिड :
 
रूपा सैनी की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने स्पेन में तीसरे विश्व कप में भाग लिया और दस टीमों में सातवें स्थान पर रही । पूल ए में भारत को एकमात्र जीत चेकोस्लोवाकिया पर मिली जबकि उसे नीदरलैंड और अर्जेंटीना ने हराया । कनाडा से भारत ने 1 . 1 से ड्रॉ खेला । क्रासओवर मुकाबले में भारत ने जापान से तीन गोल से हारने के बाद स्पेन को एक गोल से हराया ।
 
नीदरलैंड ने पश्चिम जर्मनी को हराकर खिताब जीता जबकि अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा ।
 
1981 ब्यूनस आयर्स :
 
मॉस्को ओलंपिक 1980 में चौथे स्थान पर रहने के बावजूद भारतीय महिला हॉकी टीम अर्जेंटीना में 12 टीमों के विश्व कप में जगह नहीं बना सकी । राष्ट्रीय महासंघ के सामने आर्थिक और प्रशासनिक दिक्कतों के कारण भारतीय महिला टीम की भागीदारी उपमहाद्वीपीय टूर्नामेंटों और आमंत्रण टूर्नामेंटों तक ही सिमटकर रह गई थी ।
 
पश्चिम जर्मनी ने नीदरलैंड को हराकर खिताब जीता जबकि सोवियत संघ तीसरे स्थान पर रहा ।
 
1983 कुआलालम्पुर :
 
एशियाई खेल 1982 की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम की विश्व कप में वापसी हुई लेकिन सलमा डिसिल्वा की कप्तानी वाली टीम ग्रुप चरण में पांच में से चार मैच हारकर और वेल्स से एक ड्रॉ के बाद आखिरी स्थान पर रही । क्लासीफिकेशन मैच में अर्जेंटीना से एक गोल से हारकर उसे बारह टीमों में 11वें स्थान से संतोष करना पड़ा ।
 
नीदरलैंड ने कनाडा को हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा ।
 
1986 एम्सटेलवीन :
 
ब्यूनस आयर्स में 1985 में हुए विश्व कप क्वालीफायर में पांचवें स्थान पर रही भारतीय टीम टूर्नामेंट में जगह बनाने में नाकाम रही । भारत ने 1986 में सियोल एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था ।
 
नीदरलैंड ने पश्चिम जर्मनी को हराकर चौथी बार खिताब जीता जबकि कनाडा तीसरे स्थान पर रहा ।
 
1990 सिडनी :
 
इस विश्व कप का क्वालीफायर 1989 इंटर कांटिनेंटल कप दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर खेला गया जिसमें 12 टीमों में से शीर्ष चार को विश्व कप में जगह मिली । भारत ने पांच में से दो मैच जीते लेकिन तीन हारे । 15 गोल किये लेकिन नौ गंवाये और पूल बी में चौथे स्थान पर रहकर विश्व कप में जगह नहीं बना सकी ।
 
नीदरलैंड ने दक्षिण कोरिया को हराकर पांचवीं बार खिताब जीता और इंग्लैंड तीसरे स्थान पर रहा ।
 
1994 डबलिन :
 
भारतीय टीम मामूली अंतर से इस विश्व कप में जगह बनाने से चूक गई । फिलाडेल्फिया में 1993 में हुए क्वालीफायर में 12 टीमों ने भाग लिया जिनमें से शीर्ष पांच को जगह मिली थी लेकिन भारतीय टीम छठे स्थान पर रही ।
 
आस्ट्रेलिया ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब जीता जबकि अमेरिका तीसरे स्थान पर रहा ।
 
1998 यूट्रेक्ट :
 
प्रीतम रानी सिवाच की कप्तानी में भारतीय महिला टीम लगातार तीन बार बाहर रहने के बाद विश्व कप में लौटी । पूल ए में पांचों मैच हारने के बाद भारतीय टीम बारहवें और आखिरी स्थान पर रही ।
 
आस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड को 3 . 2 से हराकर खिताब जीता जबकि जर्मनी तीसरे स्थान पर रही ।
 
2002 पर्थ :
 
जून 2002 में कठिन क्वालीफाइंग दौर में अमेरिका से हारने के बाद भारतीय टीम विश्व कप में जगह तो नहीं बना सकी लेकिन जुलाई अगस्त 2002 में मैनचेस्टर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर धूम मचा दी और यह जीत बाद में शाहरूख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ की प्रेरणा भी बनी ।
 
अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 4 . 3 से हराकर खिताब जीता जबकि चीन तीसरे स्थान पर रहा ।
 
2006 मैड्रिड :
 
इस विश्व कप में भारत की सुरिंदर कौर सर्वाधिक गोल करने वालों की सूची में नीदरलैंड की किम लामेर्स के साथ पांच गोल करके दूसरे स्थान पर रही । नीदरलैंड की ही सिल्विया कारेस ने छह गोल दागे थे ।
 
भारतीय टीम पूल ए में पांच में से चार मैच हारकर और एक ड्रॉ के बाद आखिरी स्थान पर और 12 टीमों में 11वें स्थान पर रही । नीदरलैंड ने आस्ट्रेलिया को हराकर खिताब जीता जबकि अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा ।
 
2010 रोसारियो :
 
इस विश्व कप ने भारत को रानी रामपाल जैसा बेहतरीन मिडफील्डर दिया जिसने सात गोल दागकर सभी का ध्यान खींचा । पूल चरण में भारत को एकमात्र जीत जापान के खिलाफ मिली जबकि बाकी चार मैच हारकर टीम पांचवें स्थान पर रही । क्लासीफिकेशन मैच में दक्षिण अफ्रीका को 4 . 3 से हराकर भारत नौवे स्थान पर रहा ।
 
अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को हराकर स्वर्ण पदक जीता जबकि इंग्लैंड तीसरे स्थान पर रहा ।
 
2014 द हेग :
 
कुआलालम्पुर में 2013 में हुए एशिया कप के चैम्पियन को विश्व कप में जगह मिलनी थी लेकिन भारत सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से हार गया । चीन को पेनल्टी शूटआउट में हराकर भारतीय टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया लेकिन इस महाद्वीपीय क्वालीफायर से जापान ने विश्व कप में जगह बनाई ।
 
नीदरलैंड ने आस्ट्रेलिया को 2 . 0 से हराकर सातवीं बार खिताब जीता जबकि अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा ।
 
2018 लंदन :
 
रानी रामपाल की कप्तानी में भारतीय टीम इस विश्व कप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची । पूल बी में इंग्लैंड और अमेरिका से ड्रॉ खेलने के बाद आयरलैंड से हारी भारतीय टीम तीसरे स्थान पर रही । क्रॉसओवर में लालरेम्सियामी, वंदना कटारिया और नेहा गोयल के गोल से भारत ने इटली को हराया लेकिन क्वार्टर फाइनल में आयरलैंड से पेनल्टी शूटआउट में हार गई ।
 
नीदरलैंड ने आयरलैंड को 6 . 0 से हराकर खिताब जीता जबकि स्पेन तीसरे स्थान पर रहा ।
 
2022 एम्सटेलवीन , नीदरलैंड और टेरासा, स्पेन :
 
सविता पूनिया की कप्तानी में भारतीय टीम ने स्पेन में पूल बी के मैचों में इंग्लैंड और चीन से ड्रॉ खेला लेकिन न्यूजीलैंड से हार गई । क्रॉसओवर में भारतीय टीम ने कनाडा को पेनल्टी शूटआउट में 3.2 से हराया और जापान को 3 . 1 से मात देकर चीन के साथ नौवे स्थान पर रही ।
 
नीदरलैंड ने अर्जेंटीना को 3 . 1 से हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा ।