आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कनाडा के हरफनमौला दिलन हेइलिगर ने यूएई के खिलाफ आईसीसी टी20 विश्व कप मुकाबले में टीम के पांच विकेट से हार के बाद शुक्रवार को यहां कहा कि उनके गेंदबाज आखिरी ओवरों में बल्लेबाजों पर दबाव नहीं रख पाये।
हेइलिगर ने कहा कि लक्ष्य का बचाव करते हुए उनकी टीम 15-16वें ओवर तक अच्छी स्थिति में थी लेकिन खराब गेंदबाजी से मैच फिसल गया।
उन्होंने कहा, ‘‘टीम ने ज्यादा धीमी गेंदों का इस्तेमाल किया, जिसका फायदा क्रीज पर समय बिता चुके बल्लेबाजों ने उठा लिया। गेंदबाजी में थोड़ी ढिलाई और लाइन से भटकाव महंगा साबित हुआ।’’
आर्यांश शर्मा (53 गेंद में नाबाद 74) और शोएब खान (29 गेंद में 51 रन) की अर्धशतकीय पारियों से यूएईने खराब शुरूआत से उबरते हुए जीत के लिए मिले 151 रन के लक्ष्य को पांच विकेट गंवा कर हासिल कर लिया।
इससे पहले जुनैद सिद्दीकी के पांच विकेट ने कनाडा की पारी को सात विकेट पर 150 रन पर रोक दिया था।
हेइलिगर ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘जुनैद यूएई के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक रहे हैं और उन्होंने आज भी अपनी योजना पर टिके रहते हुए सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की। शुरुआती ओवरों में पिच की गति से कनाडा के बल्लेबाजों को परेशानी हो रही थी और जुनैद ने इसका पूरा फायदा उठाया।
उन्होंने टूर्नामेंट में एसोसिएट टीमों के प्रदर्शन पर कहा कि कनाडा को मौसम की वजह से अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम कनाडा में रहते है जहां तापमान माइनस 50 डिग्री तक चला जाता है। कनाडा में साल में केवल तीन महीने ही क्रिकेट खेला जा सकता है और बाकी समय टीम को इंडोर अभ्यास करना पड़ता है। विश्व कप से पहले टीम ने श्रीलंका में एक महीने का प्रशिक्षण शिविर लगाया था ताकि गर्म परिस्थितियों के अनुकूल हो सकें। मौसम की परिस्थितियां कनाडा के लिए एक बड़ा कारक हैं। इसे बहाना नहीं कहा जा सकता, लेकिन बड़े मंच पर जल्दी ढलना टीम के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है।’’