नई दिल्ली:
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब भले ही राजस्थान रॉयल्स की झोली में नहीं आया, लेकिन टीम के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे टूर्नामेंट में खास पहचान बनाई। महज 15 वर्ष की उम्र में सूर्यवंशी ने बल्लेबाजी के कई रिकॉर्ड तोड़े और सीजन के अंत में एक साथ कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम कर लिए।
राजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन में दमदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ तक का सफर तय किया। टीम दूसरे क्वालीफायर तक पहुंची, लेकिन वहां गुजरात टाइटन्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा। फाइनल में जगह बनाने का सपना टूटने के बाद युवा बल्लेबाज की आंखों में निराशा साफ दिखाई दी। हालांकि टूर्नामेंट के समापन समारोह में जब उन्हें एक के बाद एक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया तो उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में 16 पारियों में 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने राजस्थान रॉयल्स को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत दिलाई। यही वजह रही कि उन्हें इस सीजन का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमवीपी) चुना गया। इसके अलावा सर्वाधिक रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली।
युवा बल्लेबाज को इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन का पुरस्कार भी दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और सुपर सिक्स ऑफ द सीजन जैसे सम्मान भी अपने नाम किए। इस तरह सूर्यवंशी ने कुल पांच बड़े पुरस्कार जीतकर सीजन को यादगार बना दिया।
उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह आईपीएल इतिहास में एक ही सीजन में एमवीपी और इमर्जिंग प्लेयर दोनों पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा वह 2011 में क्रिस गेल के बाद पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने एक ही सीजन में रन बनाने और स्ट्राइक रेट दोनों मामलों में शीर्ष स्थान हासिल किया।
सूर्यवंशी ने इस सीजन में 72 छक्के लगाए, जो आईपीएल के एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक छक्कों का नया रिकॉर्ड है। उन्होंने इस मामले में क्रिस गेल के 59 छक्कों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
दूसरी ओर, गुजरात टाइटन्स के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पर्पल कैप अपने नाम की। रबाडा ने 17 मैचों में 29 विकेट हासिल किए। यह दूसरी बार है जब उन्होंने आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज का सम्मान प्राप्त किया है।
पुरस्कार समारोह के दौरान सूर्यवंशी ने कहा कि यह उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरे करियर का खास पल है। मैं अगले सीजन में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।"
युवा बल्लेबाज ने बताया कि इस सीजन ने उन्हें कई महत्वपूर्ण सबक सिखाए हैं। उनके अनुसार दबाव वाले मैचों में खेलना, परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बदलना और टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी करना सबसे बड़ी सीख रही। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में फिटनेस पर विशेष ध्यान देना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा, क्योंकि लंबे समय तक क्रिकेट खेलने के लिए चोटों से बचना और शारीरिक रूप से मजबूत रहना बेहद जरूरी है।
कम उम्र में हासिल की गई यह सफलता संकेत देती है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है, जिसकी चमक आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है।