लगभग चार साल बाद कोर्ट पर लौटीं सेरेना विलियम्स, जीत के साथ शानदार वापसी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 10-06-2026
Serena Williams returned to the court after nearly four years, making a spectacular comeback with a win at Queen's Club.
Serena Williams returned to the court after nearly four years, making a spectacular comeback with a win at Queen's Club.

 

लंदन:

टेनिस जगत की दिग्गज खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने लगभग चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी टेनिस में दमदार वापसी करते हुए क्वीन्स क्लब में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। 44 वर्षीय अमेरिकी स्टार ने कनाडा की युवा खिलाड़ी विक्टोरिया मबोको के साथ महिला युगल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी निकोल मेलिचार-मार्टिनेज और एरिन रूटलिफ़ को 7-6 (2), 6-2 से हराया।

सेरेना की वापसी का दुनिया भर के टेनिस प्रशंसकों को लंबे समय से इंतजार था। क्वीन्स क्लब में उन्हें महिला युगल प्रतियोगिता के लिए वाइल्ड कार्ड एंट्री दी गई थी। कोर्ट पर उतरते ही उन्होंने साबित कर दिया कि अनुभव, आत्मविश्वास और आक्रामक खेल आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं।

मुकाबले के दौरान सेरेना ने अपने प्रसिद्ध पावर गेम और आक्रामक शैली का शानदार प्रदर्शन किया। लंबे समय तक पेशेवर टेनिस से दूर रहने के बावजूद उनके खेल में किसी तरह की झिझक या कमजोरी दिखाई नहीं दी। उनकी सर्विस, ग्राउंड स्ट्रोक और नेट पर नियंत्रण ने दर्शकों को पुराने दिनों की याद दिला दी।

जीत के बाद सेरेना विलियम्स ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "यह मुकाबला खेलकर मुझे बहुत मज़ा आया। विक्टोरिया के साथ खेलना बिल्कुल स्वाभाविक लगा। सच कहूं तो घर पर बैठते-बैठते थक गई थी। इस गर्मी में मेरे बच्चे भी स्कूल से छुट्टी पर हैं, इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न फिर से कोर्ट पर लौटकर खेला जाए।"

23 ग्रैंड स्लैम महिला एकल खिताब जीत चुकी सेरेना विलियम्स टेनिस इतिहास की सबसे महान खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम एकल खिताब 2017 ऑस्ट्रेलियन ओपन में जीता था। उस समय वह गर्भावस्था के शुरुआती चरण में थीं, फिर भी उन्होंने टूर्नामेंट अपने नाम कर इतिहास रच दिया था।

मातृत्व अवकाश के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए चार और ग्रैंड स्लैम फाइनल खेले। इनमें दो विंबलडन और दो यूएस ओपन के फाइनल शामिल थे। हालांकि, वह इन चारों मौकों पर जीत हासिल नहीं कर सकीं और इस तरह ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज खिलाड़ी मार्गरेट कोर्ट के 24 ग्रैंड स्लैम एकल खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी करने से चूक गईं।

इसके बावजूद सेरेना का प्रभाव टेनिस जगत पर आज भी कायम है। उनकी वापसी को केवल एक खिलाड़ी की वापसी नहीं, बल्कि खेल भावना, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। युवा खिलाड़ी विक्टोरिया मबोको के साथ उनकी साझेदारी ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और इस जीत ने संकेत दिया कि सेरेना अभी भी बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखती हैं।

क्वीन्स क्लब में जीत के साथ सेरेना विलियम्स ने यह संदेश दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है और महान खिलाड़ी अपने जुनून और मेहनत के दम पर किसी भी समय शानदार वापसी कर सकते हैं। अब टेनिस प्रेमियों की निगाहें उनके आगामी मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां उनसे एक बार फिर यादगार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।