प्रो गोविंदा सीजन 4 शुरू, ओलंपिक तक पहुंचाने का सपना

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 17-08-2026
Pro Govinda Season 4 kicks off; the dream is to reach the Olympics.
Pro Govinda Season 4 kicks off; the dream is to reach the Olympics.

 

मुंबई।

पारंपरिक दही हांडी खेल को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से प्रो गोविंदा लीग (PGL) के चौथे सीजन की शुरुआत 16 अगस्त से हो गई। इस बार भारतीय टी20 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को लीग का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। लीग के अध्यक्ष पूर्वेश सरनाईक ने दही हांडी को पहले राष्ट्रमंडल खेलों और उसके बाद ओलंपिक तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

सीजन के उद्घाटन समारोह में सभी भाग लेने वाली टीमों के कप्तानों ने रैंप पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसके बाद खिलाड़ियों ने मिलकर मानव पिरामिड बनाया और पारंपरिक गोविंदा अंदाज में आयोजन की शुरुआत की।

3200 खिलाड़ियों को मिल रहा मंच

प्रो गोविंदा लीग के अध्यक्ष पूर्वेश सरनाईक ने कहा कि लीग का यह चौथा सीजन है और पिछले तीन वर्षों में इसे लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला है। उनका कहना है कि दही हांडी कभी मुख्य रूप से मुंबई तक सीमित पारंपरिक खेल और उत्सव के रूप में जानी जाती थी, लेकिन प्रो गोविंदा के जरिए इसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सरनाईक के मुताबिक, लीग करीब 3,200 खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल के जरिए अलग पहचान बनाने का अवसर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रो गोविंदा का उद्देश्य केवल लीग को बड़ा बनाना नहीं, बल्कि इसमें भाग लेने वाले गोविंदाओं को पहचान और अवसर दिलाना है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल मुंबई, महाराष्ट्र या भारत तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि दही हांडी को दुनिया के सामने एक खेल के रूप में पेश किया जाना चाहिए।

सूर्यकुमार यादव बने ब्रांड एंबेसडर

इस साल भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव को प्रो गोविंदा लीग का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। सरनाईक ने उन्हें मुंबई से जुड़े खिलाड़ी के रूप में पेश करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से लीग को नई पहचान मिलेगी।

पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रिस गेल को लीग का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। इस बार सूर्यकुमार यादव के साथ जुड़ाव को पारंपरिक खेल और आधुनिक क्रिकेट की लोकप्रियता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

सरनाईक ने कहा कि आने वाले समय में लीग से अलग-अलग क्षेत्रों की प्रसिद्ध हस्तियों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि दही हांडी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती रहे।

25 साल तक मेहनत करने को तैयार

प्रो गोविंदा के अध्यक्ष ने दही हांडी को ओलंपिक खेल के रूप में देखने का अपना सपना भी साझा किया। उन्होंने माना कि कुछ लोग उनके इस विचार पर सवाल उठाते हैं और इसे मुश्किल मानते हैं, लेकिन उनका कहना है कि बड़ा सपना देखने में कोई बुराई नहीं है।

सरनाईक ने कहा कि यदि इस लक्ष्य को हासिल करने में 25 साल भी लग जाएं, तो वह लगातार मेहनत करने के लिए तैयार हैं। उनका पहला लक्ष्य दही हांडी को राष्ट्रमंडल खेलों तक ले जाना और उसके बाद ओलंपिक में जगह दिलाने की दिशा में काम करना है।

उनका कहना है कि प्रो गोविंदा के माध्यम से दुनिया को यह दिखाया जा सकता है कि दही हांडी में हजारों प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और इसे एक संगठित खेल के रूप में विकसित करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।

मुंबई से दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश

सरनाईक ने कहा कि पिछले तीन सीजन में प्रो गोविंदा को जिस तरह लोगों का प्यार और समर्थन मिला है, उससे उनका विश्वास मजबूत हुआ है। उनका मानना है कि दही हांडी की पहचान अब मुंबई और महाराष्ट्र की सीमाओं से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि उनका सपना केवल एक पारंपरिक आयोजन को लोकप्रिय बनाना नहीं, बल्कि गोविंदा खिलाड़ियों को वैश्विक पहचान दिलाना है। इसके लिए लीग को लगातार मजबूत किया जाएगा और खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने का प्रयास जारी रहेगा।

प्रो गोविंदा सीजन 4 की शुरुआत के साथ आयोजकों की नजर अब इस पारंपरिक खेल को आधुनिक प्रतिस्पर्धी स्वरूप देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने पर है। हालांकि ओलंपिक तक पहुंचने का रास्ता लंबा है, लेकिन सरनाईक का कहना है कि उनका सपना बड़ा है और वह इसे पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।