आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली ने आईपीएल में अपना सबसे तेज अर्धशतक लगाने और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को लगातार दूसरी ट्रॉफी दिलाने के बाद कहा कि टी20 प्रारूप में अपने खेल को नया रूप देने के लिए उन्हें अपनी सोच में बदलाव करना पड़ा और इस बीच युवा खिलाड़ियों ने भी उन्हें प्रेरित किया।
कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर अरशद खान के खिलाफ शानदार छक्का लगाकर टीम को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाया।
कोहली ने 42 गेंद में नौ चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 75 रन की पारी खेलने के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुने गये। उन्होंने पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘यह वही पल है जिसका हर खिलाड़ी सपना देखता है। मैंने कई बार इस क्षण की कल्पना की थी, खासकर विजयी रन बनाने की। बल्लेबाजी के लिए उतरते समय मैं पूरी तरह सहज था।’’
कोहली ने कहा, ‘‘मुझे पता था कि रन-चेज़ में क्या करना है। युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी आपको लगातार अपने खेल में सुधार करने और नई चुनौतियां स्वीकार करने के लिए प्रेरित करती है।’’
अपने आईपीएल करियर के सबसे तेज अर्धशतक (25 गेंद) पर उन्होंने कहा, ‘‘यह आपको लगातार बेहतर करने का लक्ष्य देता है। मुझे अपने खेल में बहुत बड़ा बदलाव नहीं करना था, बल्कि सोच बदलनी थी। गेंदबाजों पर दबाव बनाकर अतिरिक्त रन जुटाने की जरूरत थी।’’
कोहली ने कहा कि टीम का पहला लक्ष्य अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करना था। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार हम शीर्ष पर पहुंच गए तो हमारे सामने कौन-सी टीम है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। हम सभी टीमों का सम्मान करते हैं और किसी को उकसाने में विश्वास नहीं रखते। हमारे पास अनुभवी और परिपक्व पेशेवर खिलाड़ी हैं और बड़े मुकाबलों में यही अनुभव काम आता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बड़े अवसरों पर बड़े खिलाड़ियों को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी होती है। मुझे पता था कि लक्ष्य का पीछा करते समय विपक्षी टीम मुझे जल्दी आउट करने की कोशिश करेगी, लेकिन मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा था। मुझे विश्वास था कि हमारी चैंपियन टीम तीन-चार ओवर शेष रहते लक्ष्य हासिल कर सकती है।’’
आरसीबी के प्रशंसकों की सराहना करते हुए कोहली ने कहा, ‘‘हमारे लिए हर मैच घरेलू मुकाबले जैसा लगता है। हमारे 14 घरेलू मैच होते हैं, सिर्फ सात नहीं, क्योंकि प्रशंसक हर जगह हमारे साथ रहते हैं। यहां तक कि गुजरात टाइटंस के घरेलू मैदान पर भी करीब 90 प्रतिशत दर्शक हमारे समर्थन में थे।’’