नई दिल्ली
भारत की टेबल टेनिस टीम इन दिनों लंदन में होने वाली आईटीटीएफ वर्ल्ड टीम टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 की तैयारी में जुटी है। यह टूर्नामेंट 28 अप्रैल से 10 मई तक ओवीओ एरिना, वेम्बली में खेला जाएगा। इस बार प्रतियोगिता का खास महत्व है क्योंकि यह इसका शताब्दी संस्करण है।
भारतीय टीम को इस बड़े टूर्नामेंट से पहले खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण यानी SAI की ओर से मजबूत मदद मिली है। करीब 90 लाख रुपये से ज्यादा का समर्थन खिलाड़ियों की तैयारी के लिए दिया गया है। इसका मकसद साफ है कि खिलाड़ी बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
इस बार भारत की 19 सदस्यीय टीम लंदन पहुंची है। इसमें 10 खिलाड़ी, 3 कोच, 3 सपोर्ट स्टाफ और 3 स्पारिंग पार्टनर शामिल हैं। टीम में देश के बड़े नाम भी मौजूद हैं। पुरुष टीम की अगुवाई जी. साथियान, हरमीत देसाई, मानव ठक्कर और मणव ठक्कर कर रहे हैं। महिला टीम में मनिका बत्रा सबसे अनुभवी खिलाड़ी के रूप में मैदान में उतरेंगी।
भारत की पुरुष टीम को स्लोवाकिया, ट्यूनीशिया और ग्वाटेमाला के साथ ग्रुप में रखा गया है। वहीं महिला टीम का मुकाबला यूक्रेन, युगांडा और रवांडा से होगा। ग्रुप मैच 28 अप्रैल से 1 मई तक खेले जाएंगे।
पिछली बार 2024 में हुए टूर्नामेंट में भारतीय टीम नॉकआउट राउंड तक पहुंची थी लेकिन राउंड ऑफ 32 में बाहर हो गई थी। इस बार टीम की कोशिश है कि वह उससे आगे जाए और बेहतर प्रदर्शन करे।
इस तैयारी के लिए SAI ने सिर्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का ही इंतजाम नहीं किया बल्कि पहले से ही कैंप भी लगाए। बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में 13 से 19 अप्रैल तक राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। इसमें खिलाड़ियों को तकनीक और फिटनेस पर काम करने का मौका मिला।
इसके बाद टीम को इंग्लैंड के शेफील्ड में विदेशी प्रशिक्षण दिया गया। यह कैंप 21 से 26 अप्रैल तक चला। इसका खर्च करीब 20 लाख रुपये से ज्यादा था। यहां खिलाड़ियों को यूरोपीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव दिया गया ताकि वे मैच के दौरान बेहतर ढंग से खुद को ढाल सकें।
SAI ने करीब 60 लाख रुपये की राशि टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया को भी दी है। इसमें खिलाड़ियों की यात्रा, रहने, खाने और अन्य जरूरी खर्च शामिल हैं।
इस बार भारतीय टीम में पुरुष वर्ग में मानव ठक्कर, मनुष शाह, जी साथियान, हरमीत देसाई और पयास जैन शामिल हैं। महिला टीम में मनिका बत्रा, यशस्विनी घोरपड़े, दिया चिताले, सुतीर्था मुखर्जी और सिंद्रेला दास खेल रही हैं।
कोचिंग की जिम्मेदारी मासिमो कॉन्स्टेंटिनी, सौरभ चक्रवर्ती और सोमनाथ घोष के पास है। टीम का लक्ष्य साफ है। इस बार वह सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि पदक की दौड़ में आगे तक जाना चाहती है।