वडोदरा।
गुजरात के वडोदरा स्थित सामा इंडोर खेल परिसर में शुक्रवार से अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस की हलचल तेज़ होने जा रही है। यहां डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर और डब्ल्यूटीटी फीडर सीरीज का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 10 देशों के कुल 334 खिलाड़ी खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह टूर्नामेंट न सिर्फ युवा प्रतिभाओं के लिए अहम मंच है, बल्कि सीनियर स्तर के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग अंक हासिल करने का भी बड़ा मौका देगा।
डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर का यह दूसरा चरण है, जो 2 से 5 जनवरी तक खेला जाएगा। इसमें अंडर-11 से लेकर अंडर-19 आयु वर्ग तक की स्पर्धाएं आयोजित होंगी। इसके बाद 7 से 11 जनवरी तक डब्ल्यूटीटी फीडर सीरीज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उभरते और अनुभवी खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
यूथ कंटेंडर में चार देशों के 226 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जबकि फीडर सीरीज में 10 देशों के 108 खिलाड़ी मुकाबले में उतरेंगे। प्रतियोगिता की शुरुआत शुक्रवार को अंडर-13 और अंडर-17 एकल मुकाबलों से होगी। वहीं, अंडर-11, अंडर-15 और अंडर-19 वर्ग की स्पर्धाएं 4 और 5 जनवरी को खेली जाएंगी। आयोजकों के अनुसार, सभी वर्गों में कड़े और रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद है।
भारत ने पिछले वर्ष डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर में शानदार प्रदर्शन किया था और इस बार भी घरेलू खिलाड़ियों से बेहतर नतीजों की उम्मीद की जा रही है। घरेलू परिस्थितियों में खेलने का लाभ भारतीय खिलाड़ियों को मिलने की संभावना है, जिससे वे विदेशी प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के महासचिव कमलेश मेहता ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने हेतु अच्छी रैंकिंग बेहद जरूरी होती है। रैंकिंग अंक जुटाने के लिए खिलाड़ियों को अक्सर विदेश यात्राओं पर भारी खर्च करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित होने से देश के अधिक खिलाड़ियों को कम खर्च में विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलता है। साथ ही, घरेलू माहौल और परिस्थितियों का फायदा उठाकर खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को और निखार सकते हैं।
कुल मिलाकर, वडोदरा में आयोजित यह डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर और फीडर सीरीज न केवल युवा और उभरते खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर है, बल्कि भारतीय टेबल टेनिस को वैश्विक मंच पर और मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।






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