नई दिल्ली।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज पूनम राउत ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर एक दशक से अधिक समय तक चला। उन्होंने 2009 से 2021 के बीच भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए चार टेस्ट, 73 वनडे और 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।
पूनम ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर संन्यास की घोषणा करते हुए क्रिकेट के सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा त्याग, संघर्ष, अविस्मरणीय जीत, मुश्किल सबक और जीवनभर याद रहने वाले पलों से भरी रही।
उन्होंने अपने भावुक संदेश में लिखा, “एक आखिरी बार, उस छोटी बच्ची के लिए जिसने सपने देखने की हिम्मत की थी। मुंबई की गलियों से भारतीय जर्सी पहनने तक का यह सफर किसी आशीर्वाद से कम नहीं रहा।”
उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा में कई त्याग और संघर्ष शामिल रहे, लेकिन इसके साथ ऐसी जीत और अनुभव भी मिले, जिन्हें वह जीवनभर संजोकर रखेंगी।
37 वर्षीय पूनम राउत ने कहा कि भारतीय टीम के लिए खेलना केवल उनका सपना पूरा होना नहीं था, बल्कि यह ऐसा सौभाग्य था, जिसे उन्होंने हमेशा गर्व के साथ जिया।
उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के समापन पर उन सभी लोगों के प्रति आभार जताया, जिन्होंने उन पर विश्वास किया, मुश्किल समय में उनका साथ दिया और उनके क्रिकेट सफर का हिस्सा बने।
पूनम ने लिखा, “जब मैं अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के इस अध्याय को समाप्त कर रही हूं, तो मेरा दिल उन सभी के प्रति कृतज्ञता से भरा है, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया, मेरा साथ दिया और मेरी यात्रा का हिस्सा बने।”
उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें सिर्फ एक करियर नहीं दिया, बल्कि जीवन का उद्देश्य, पहचान और एक परिवार भी दिया।
अपने संदेश में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद इस खेल के प्रति उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “मेरे भीतर का खिलाड़ी भले ही अब मैदान से पीछे हट जाए, लेकिन इस खेल के प्रति मेरा प्यार कभी संन्यास नहीं लेगा। मेरी अगली पारी उस खेल को कुछ लौटाने के बारे में होगी, जिसने मुझे सब कुछ दिया। धन्यवाद, भारत।”
पूनम राउत ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीनों प्रारूपों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वनडे क्रिकेट: 73 मैचों की 73 पारियों में 2,299 रन बनाए। उनका औसत 34.83 रहा। इस दौरान उन्होंने तीन शतक और 15 अर्धशतक लगाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 109 रन रहा।
टेस्ट क्रिकेट: चार मैचों की सात पारियों में 264 रन बनाए। उनका औसत 44.00 रहा। इस प्रारूप में उन्होंने एक शतक लगाया और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 130 रन रहा।
टी20 अंतरराष्ट्रीय: 35 मैचों की 31 पारियों में 719 रन बनाए। उनका औसत 27.65 रहा। उन्होंने चार अर्धशतक लगाए और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 75 रन रहा।
पूनम राउत के करियर का सबसे यादगार अध्याय 2017 का आईसीसी महिला विश्व कप रहा। इस टूर्नामेंट में उन्होंने भारतीय टीम के लिए शानदार बल्लेबाजी की और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने नौ पारियों में 42.33 की औसत से कुल 381 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतक निकले। टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 106 रन रहा।
इस प्रदर्शन के साथ वह प्रतियोगिता में पांचवीं सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनीं। भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल खेला और उपविजेता रही।
पूनम राउत का संन्यास भारतीय महिला क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण दौर से जुड़ी खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय सफर का अंत है। हालांकि, उनके अपने शब्दों में, क्रिकेट से उनका रिश्ता अभी खत्म नहीं हुआ है। अब वह इस खेल से मिली सीख और अनुभव को आगे आने वाली पीढ़ी के साथ साझा करने की नई पारी शुरू करना चाहती हैं।