नई दिल्ली
युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने ब्राज़ील के फुटबॉल दिग्गज रोनाल्डो नाज़ारियो के साथ हुई अपनी बातचीत के बारे में जानकारी दी। खडसे ने दो बार के फीफा विश्व कप विजेता के शानदार करियर और उनके गहरे प्रभाव का ज़िक्र किया। साथ ही, उन्होंने भारत के खेल इकोसिस्टम को मज़बूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि युवा प्रतिभाओं को निखारा जा सके और भारतीय एथलीटों को सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिल सके।
खडसे ने 'X' (ट्विटर) पर लिखा, "ब्राज़ील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो नाज़ारियो - जिन्हें 'R9' और 'ओ फेनोमेनो' (द फेनोमेनन) के नाम से जाना जाता है - के साथ हुई बातचीत यादगार रही। दो बार के फीफा विश्व कप विजेता और फुटबॉल के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक, रोनाल्डो का असाधारण सफर आज भी कई पीढ़ियों को प्रेरित करता है। इस तरह की बातचीत एक मज़बूत खेल इकोसिस्टम बनाने के महत्व को और पुख्ता करती है, जो युवा भारतीय प्रतिभाओं को बड़े सपने देखने और सर्वोच्च स्तर पर मुकाबला करने के लिए सशक्त बनाए।"
नाज़ारियो एक ऐसे फुटबॉल दिग्गज हैं जिन्हें खेल के इतिहास के सबसे बेहतरीन स्ट्राइकरों में से एक माना जाता है। उन्होंने 1994 और 2002 में ब्राज़ील के साथ फीफा विश्व कप जीता था। 2002 के फाइनल में जर्मनी के खिलाफ उन्होंने दो गोल किए थे। अपनी तेज़ रफ़्तार, ड्रिब्लिंग कौशल, सटीक फिनिशिंग और डिफेंडरों को छकाने की क्षमता के लिए मशहूर रोनाल्डो ने बार्सिलोना, इंटर मिलान और रियल मैड्रिड जैसे यूरोप के शीर्ष क्लबों के लिए खेला है।
उन्होंने 1997 और 2002 में दो बार 'बैलोन डी'ओर' (Ballon d’Or) जीता और तीन बार 'फीफा वर्ल्ड प्लेयर ऑफ द ईयर' चुने गए। इस महीने की शुरुआत में, कोलकाता में भारत और ब्राज़ील के बीच एक ऐतिहासिक फ्रेंडली मैच खेला गया। कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में हुए इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैच में ब्राज़ील ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 4-0 से हरा दिया। इस मैच में सैमुअल लिनो और पेड्रो ने गोल किए। यह दोनों देशों के बीच फुटबॉल का पहला मुकाबला था।
ब्राज़ील ने अपने आक्रामक खेल और सटीक फिनिशिंग से पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा, जबकि भारत को इस दक्षिण अमेरिकी दिग्गज टीम को रोकने में काफी संघर्ष करना पड़ा।
ब्राज़ील के लिए, यह अंतरराष्ट्रीय ब्रेक टीम को फिर से तैयार करने का एक मौका है, क्योंकि इस साल फीफा विश्व कप में नॉर्वे के हाथों हारकर वे 'राउंड ऑफ 16' से बाहर हो गए थे।