रायपुर।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 92 रन से शानदार जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। मंगलवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर की नाबाद 91 रन की विस्फोटक पारी और शेफाली वर्मा के 69 रनों की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 216 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने महज 37 गेंदों में 69 रन बनाए, जिसमें छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। शेफाली ने अनुष्का शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़े। अनुष्का ने 20 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 28 रन बनाए। उन्हें नोमवेलो सिबांडा ने छठे ओवर में आउट किया।
इसके बाद निकी प्रसाद नौ रन बनाकर न्याशा ग्वांजुरा की गेंद पर आउट हो गईं। इस समय भारत का स्कोर दो विकेट पर 68 रन था।
शेफाली के साथ क्रीज पर आईं हरमनप्रीत कौर ने पारी को नई गति दी। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। शेफाली 15वें ओवर में 152 के कुल स्कोर पर बेलव्ड बीजा की गेंद पर तेंदाई मकुशा के हाथों कैच आउट हुईं।
दूसरी ओर, हरमनप्रीत ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने महज 41 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 221.95 का रहा।
अंतिम ओवरों में भारत ने ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा और अरुंधति रेड्डी के विकेट गंवाए। ऋचा ने एक रन बनाया, जबकि दीप्ति खाता नहीं खोल सकीं। अरुंधति ने चार रन बनाए। प्रेमा रावत भी चार रन बनाकर रन आउट हुईं। हालांकि, हरमनप्रीत की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने भारत को 20 ओवर में सात विकेट पर 216 रन तक पहुंचा दिया।
जिम्बाब्वे की ओर से बेलव्ड बीजा सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने चार ओवर में 50 रन देकर तीन विकेट लिए। सिबांडा, ग्वांजुरा और तेंदाई मकुशा को एक-एक विकेट मिला।
217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। क्रांति गौड़ ने केलीस न्दलोवु को पहली ही गेंद पर आउट कर दिया। इसके बाद नंदनी शर्मा ने मोडेस्टर मुपाचिकवा को एक रन के निजी स्कोर पर ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर जिम्बाब्वे को दूसरा झटका दिया। टीम का स्कोर दो विकेट पर 12 रन हो गया।
इसके बाद शार्न मेयर्स और बेलव्ड बीजा ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने रन बनाने के मौके सीमित रखे। लक्ष्य बड़ा होने के कारण जिम्बाब्वे पर दबाव लगातार बढ़ता गया।
बीजा ने 50 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 44 रन बनाए और अपनी टीम की ओर से सर्वाधिक स्कोर करने वाली बल्लेबाज रहीं। इसके बावजूद जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी।
भारत की ओर से नंदनी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 18 रन देकर तीन विकेट झटके। दीप्ति शर्मा को भी एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने जिम्बाब्वे को लक्ष्य से काफी दूर रोक दिया।
इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। रन के अंतर से यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में घरेलू मैदान पर भारत की सबसे बड़ी जीत रही। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने सीरीज में भारतीय टीम के दबदबे को रेखांकित किया।