IND-PAK मैच अब ‘नॉन-इवेंट’: संजय मांजरेकर बोले,भारत की जीत हराने जैसी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 03-02-2026
IND-PAK match is now a 'non-event': Sanjay Manjrekar says, India's victory felt like a defeat.
IND-PAK match is now a 'non-event': Sanjay Manjrekar says, India's victory felt like a defeat.

 

मुंबई

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले को लेकर बरसों से जो रोमांच और उन्माद रहा है, उस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने तीखी और साफ़ टिप्पणी की है। मांजरेकर का कहना है कि अगर आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज में भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता, तो यह “कोई बड़ी बात नहीं” होगी, क्योंकि अब यह मुकाबला मैदान पर उस हाइप पर खरा नहीं उतरता, जो उसके इर्द-गिर्द बनाई जाती है।

मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर कहा, “ईमानदारी से कहूं तो काफी समय से भारत-पाकिस्तान का मैच कभी भी उस ड्रामे और रोमांच के बराबर नहीं रहा, जो मैच से पहले रचा जाता है। वजह साफ है—भारत और पाकिस्तान अब एक ही लीग में नहीं हैं।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि मौजूदा हालात में भारत की पाकिस्तान पर जीत “मिनोज़ टीमों को हराने” जैसी लगती है। “90 के दशक में पाकिस्तान मज़बूत था, तब उसे हराने में गर्व महसूस होता था। अब ऐसा नहीं है,” मांजरेकर ने कहा।

यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान ग्रुप मैच के बहिष्कार का ऐलान किया है। पाकिस्तान ग्रुप-A में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स और अमेरिका के साथ है। हालांकि, इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “चयनात्मक भागीदारी” वैश्विक टूर्नामेंट की मूल भावना के ख़िलाफ़ है और इससे खेल की निष्पक्षता प्रभावित होती है।

मांजरेकर का मानना है कि भारत के लिए अब असली परीक्षा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ होती है। “ये वो मुकाबले हैं, जिन्हें देखकर जीत पर गर्व महसूस होता है। भारत-पाकिस्तान मैच न होने से टूर्नामेंट की वैल्यू कम नहीं होगी,” उन्होंने कहा।

आंकड़े भी मांजरेकर के तर्क को मज़बूती देते हैं। आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक आठ मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने सात में जीत दर्ज की है। एशिया कप में भी हालिया वर्षों में भारत ने पाकिस्तान को एकतरफ़ा अंदाज़ में मात दी है। युवा भारतीय बल्लेबाज़ों ने पाकिस्तान के गेंदबाज़ी आक्रमण को बार-बार दबाव में डाला है।

उधर, आईसीसी ने साफ किया है कि वह टूर्नामेंट की सफल और निष्पक्ष आयोजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से “आपसी सहमति वाला समाधान” तलाशने की उम्मीद करता है।
मांजरेकर के शब्दों में, मौजूदा दौर में भारत-पाकिस्तान मुकाबला भावनात्मक रूप से भले बड़ा लगे, लेकिन क्रिकेटिंग मायनों में यह अब पहले जैसा निर्णायक और रोमांचक “इवेंट” नहीं रहा।