सुरक्षा की गारंटी मिले तो बांग्लादेश लौटूंगा: शाकिब अल हसन

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 08-08-2026
I will return to Bangladesh if I get a security guarantee: Shakib Al Hasan
I will return to Bangladesh if I get a security guarantee: Shakib Al Hasan

 

कोलंबो।

बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने कहा है कि अगर सरकार उनकी सुरक्षा की गारंटी देती है, तो वह बांग्लादेश लौटने और अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही का सामना करने के लिए तैयार हैं। शाकिब लंबे समय से बांग्लादेश से बाहर हैं और फिलहाल श्रीलंका में लंका प्रीमियर लीग (LPL) में जाफना किंग्स के लिए खेल रहे हैं।

शाकिब ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि अगर सरकार की ओर से उन्हें सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन मिलता है तो वह देश लौटने में संकोच नहीं करेंगे। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामले को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उनके मुताबिक, वह अदालत में पेश होने और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

हत्या के मामले में दर्ज है नाम

शाकिब उन 147 लोगों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ बांग्लादेश में पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित हत्या के मामले में आरोप दर्ज किए गए थे। हालांकि, शाकिब इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि उन्हें सरकार से सुरक्षा की मंजूरी मिलती है तो वह वापस जाकर अदालत की कार्यवाही और कानून के तहत जरूरी सभी प्रक्रियाओं का सामना करेंगे। उनका कहना है कि उन्हें भरोसा है कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया है जिसके लिए उन्हें दोषी ठहराया जाए।

शेख हसीना से राजनीतिक जुड़ाव बना वजह

बांग्लादेश लौटने में शाकिब के सामने सबसे बड़ी मुश्किल उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। वह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग से जुड़े थे और 2024 के आम चुनाव में सांसद भी चुने गए थे। हालांकि, मई 2024 में वह देश से बाहर चले गए और इसके बाद से बांग्लादेश नहीं लौटे।

शेख हसीना के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी मौजूदगी को लेकर भी बांग्लादेश में उनकी आलोचना हुई थी। इसके बाद उनके गृह जिले मागुरा स्थित घर पर भी हमला किया गया था।

शाकिब ने इस कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी का बचाव करते हुए कहा कि वह पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का पालन कर रहे थे। उनका कहना था कि नेतृत्व की ओर से जो निर्देश दिए जाते हैं, उनका पालन करना उनकी जिम्मेदारी थी।

सरकार का रुख हुआ सख्त

बांग्लादेश के खेल मंत्री अमिनुल हक ने पहले संकेत दिया था कि शाकिब के खिलाफ मामलों को तेजी से निपटाने में मदद की जा सकती है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के साथ उनकी मौजूदगी के बाद सरकार का रुख सख्त हो गया।

मंत्री के अनुसार, सरकार शाकिब के मामले को एक क्रिकेटर के तौर पर सहानुभूतिपूर्ण और लचीले नजरिए से देख रही थी, लेकिन बाद की घटनाओं के बाद वह स्थिति बदल गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर शाकिब बांग्लादेश लौटते हैं तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत ही लौटना होगा।

घरेलू मैदान पर विदाई की इच्छा

शाकिब पहले भी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम दौर बांग्लादेश की धरती पर खेलने और घरेलू दर्शकों के सामने विदाई लेने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में उनका ऐसा करना आसान नहीं दिखाई देता।

39 वर्षीय शाकिब अभी भी फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह अच्छा महसूस कर रहे हैं और खेल का आनंद ले रहे हैं, लेकिन उम्र उनके पक्ष में नहीं है। इसलिए वह अपने करियर को लेकर ज्यादा लंबा इंतजार नहीं कर सकते।

फिलहाल शाकिब का बांग्लादेश लौटना उनकी सुरक्षा और कानूनी मामलों पर निर्भर करता है। यदि सरकार सुरक्षा की गारंटी देती है, तो शाकिब अदालत की कार्यवाही का सामना करने के लिए स्वदेश लौटने को तैयार हैं।