आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जब तीरंदाज साहिल जाधव ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉटसन की पुस्तक ‘द विनर्स माइंडसेट’ पढ़नी शुरू की तो उनका उद्देश्य मोबाइल पर बिताए जा रहे समय को कम करना था लेकिन इससे उन्होंने दबाव की परिस्थितियों से निपटने के लिए भी उपयोगी जानकारी हासिल की।
यह पुस्तक ‘‘हर खेल और जीवन में आपका सर्वश्रेष्ठ रूप सामने लाने’’ का वादा करती है और जाधव का कहना है कि उन्हें इससे सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए दबाव से पार पाने की उपयोगी जानकारी मिली है।
जाधव ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने लगभग एक महीने पहले शेन वॉटसन की किताब ‘द विनर्स माइंडसेट’ पढ़ना शुरू की थी। मेरा शुरुआती इरादा फोन पर बिताए जाने वाले समय को कम करना था। लेकिन मुझे इस किताब से बड़ी प्रतियोगिताओं में दबाव से निपटने और एकाग्रता बनाए रखने का भी बहुमूल्य ज्ञान मिला।’’
मानसिक दृढ़ता और धैर्य ऐसे गुण हैं जिनकी जाधव को अपने पूरे करियर में जरूरत पड़ी है। इस 25 वर्षीय खिलाड़ी का अभी तक करियर उतार चढ़ाव वाला रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘‘मैंने तीरंदाजी काफी देर से 19 साल की उम्र में शुरू की। लेकिन मेरे परिवार ने मेरा भरपूर समर्थन किया। राष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला पदक जीतने में मुझे सात साल लग गए। यह धैर्य और दृढ़ संकल्प की परीक्षा थी क्योंकि हर साल मैं बेहद कम अंतर से पदक जीतने से चूक जाता था।’’