अधिकारियों की चूक के कारण 400 मीटर बाधा दौड़ में हर्षिता को अकेले दोबारा दौड़ना पड़ा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 27-06-2026
Harshita had to run the 400m hurdles race alone again due to an official's lapse.
Harshita had to run the 400m hurdles race alone again due to an official's lapse.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अधिकारियों की गंभीर चूक के कारण महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में तमिलनाडु की आर. हर्षिता को शनिवार को अकेले दोबारा दौड़ना पड़ा।

इस घटना के कारण वह फाइनल में पहुंचने से भी चूक गयी।
 
हर्षिता ने शुक्रवार को हीट-एक में एक मिनट 01.03 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान प्राप्त किया था और प्रारंभिक रूप से फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया था। लेकिन बाद में पता चला कि जिस लेन (आठ) में वे दौड़ रही थीं, उसमें 10 बाधाओं के बजाय केवल नौ ही लगाए गए थे और पांचवीं बाधा गायब थी।
 
दौड़ के दौरान जब हर्षिता चौथी बाधा पार कर रही थीं, तब उन्हें अपनी लेन में अगली बाधा न मिलने पर भ्रम हुआ और उन्होंने बगल की लेन की बाधा पार कर फिर अपनी मूल लेन में लौटकर दौड़ पूरी की। सातवीं लेन की धावक काफी पीछे थी, इसलिए किसी टकराव की स्थिति नहीं बनी।
 
बाद में अधिकारियों ने विश्व एथलेटिक्स नियम 18.7 का हवाला देते हुए उन्हें शनिवार सुबह 9:30 बजे अकेले पुनः दौड़ने का निर्देश दिया। इस बार उनका समय 1:02.54 रहा, जो पहले से धीमा था और वह फाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं।
 
हर्षिता ने इसे खेल भावना से स्वीकार करते हुए निराशा व्यक्त की, जबकि एथलेटिक्स महासंघ ने मानवीय भूल की बात मानी।
 
हर्षिता ने पीटीआई से कहा, “मुझे अपनी लेन में चौथी बाधा के बाद कोई बाधा नहीं दिखी, जिससे मैं भ्रमित हो गई थी। मुझे तुरंत निर्णय लेना पड़ा, इसलिए मैंने दूसरी लेन की बाधा पार की और फिर अपनी लेन में वापस आकर दौड़ पूरी की।”