सबकुछ शून्य से शुरू करना पड़ा, लेकिन अंत भला तो सब भला: यास्तिका

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-05-2026
Had to start from scratch, but all's well that ends well: Yastika
Had to start from scratch, but all's well that ends well: Yastika

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 करियर को खतरे में डालने वाली एसीएल (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) चोट से उबरकर इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला के पहले महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 54 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलने वाली भारतीय बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि उन्हें अपने करियर को शून्य से शुरू करना पड़ा।
 
यास्तिका को पिछले साल विशाखापत्तनम में भारत के वनडे विश्व कप की तैयारी शिविर के दौरान बाएं घुटने में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें लंबे समय तक रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अर्धशतकीय पारी से यादगार वापसी की। भारत ने इस मैच को 38 रन से जीतकर तीन मैचों की श्रृंखला में शानदार शुरुआत की।
 
यास्तिका ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा, “मुझे लगता है कि जो लोग एसीएल सर्जरी से गुजरते हैं, वे समझते हैं कि यह कितना मुश्किल होता है। उस पैर की पूरी मांसपेशी लगभग खत्म हो जाती है। आपको सचमुच खुद को शून्य से दोबारा बनाना पड़ता है।”
 
इस खब्बू बल्लेबाज ने कहा कि सर्जरी के बाद का दौर बेहद कठिन था।
 
उन्होंने कहा, “रिहैब के दौरान कई ऐसे दिन आए जब ऐसा लगता था कि कोई प्रगति नहीं हो रही है, लेकिन मैं हर दिन बस कोशिश करती रही।”
 
उन्होंने आगे कहा, “कुछ महीनों के बाद धीरे-धीरे सुधार दिखने लगा और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें लगातार हिम्मत दी। परिवार, दोस्त और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का स्टाफ, इसके अलावा टीम की साथी जेमिमा रोड्रिग्स जैसी खिलाड़ी, सभी लगातार मेरा हाल पूछते रहे। मैं सभी की बहुत आभारी हूं… अंत भला तो सब भला।”
 
चोट के कारण वह पिछले साल भारत की वनडे विश्व कप जीत का हिस्सा नहीं बन पाईं थीं। उन्होंने अपना पिछला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच अप्रैल 2024 में खेला था।
 
यास्तिका ने वापसी के बाद पहले ही मैच में, जब टीम के दो विकेट सात रन पर गिर चुके थे, दबाव की स्थिति में बल्लेबाजी करते हुए जेमिमा के साथ मिलकर 126 रनों की अहम साझेदारी निभाई, जिसने भारत की 38 रन की जीत की नींव रखी।
 
उन्होंने कहा, “जेमी (जेमिमा) ने शुरुआत में मुझे भरोसा दिया और लगातार समर्थन किया। उसने कहा, ‘बस साझेदारी बनाओ और पॉजिटिव खेलते रहो’। बाद में वह खुद भी लय में आ गई और मैच का रुख बदल दिया।”