Gautam Gambhir turns 45; former teammates Yuvraj, Raina wish Team India coach on his birthday
हैदराबाद (तेलंगाना)
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर बुधवार को 45 साल के हो गए। उनके पूर्व साथी खिलाड़ियों युवराज सिंह और सुरेश रैना ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। गंभीर अपना 45वां जन्मदिन काम करते हुए बिताएंगे, क्योंकि आज हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे T20I मैच में वे भारत को जीत दिलाने की कोशिश करेंगे। पांच मैचों की सीरीज में भारत 2-1 से आगे है, इसलिए जीत से मेजबान टीम सीरीज अपने नाम कर लेगी।
जुलाई 2024 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच का पद संभालने वाले गंभीर ने टीम को 2025 ICC चैंपियंस ट्रॉफी, 2025 ACC पुरुष एशिया कप और 2026 ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताया है। टीम इंडिया में गंभीर के पूर्व साथी खिलाड़ी युवराज सिंह ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और अपना लगातार समर्थन जताते हुए उनकी सफलता की कामना की। इंस्टाग्राम पोस्ट में युवराज ने कहा, "GG, तुम जानते हो कि मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं और चाहता हूं कि तुम लगातार तरक्की करते रहो! जन्मदिन मुबारक हो भाई, हमेशा आगे बढ़ते रहो और हमें गौरवान्वित करते रहो! ढेर सारा प्यार।"
वहीं, सुरेश रैना ने भी गंभीर को जन्मदिन की बधाई दी और उन्हें "मैदान पर फाइटर" बताया। रैना ने अपने X पोस्ट में कहा, "जन्मदिन मुबारक हो, गौती भाई। मैदान पर फाइटर, दिल से चैंपियन और एक ऐसा इंसान जो हमेशा भारतीय क्रिकेट के लिए मजबूती से खड़ा रहा। आपके अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और आपके सफर में कई और उपलब्धियों की कामना करता हूं। प्रेरित करते रहें, नेतृत्व करते रहें।"
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी टीम इंडिया के कोच को उनके 45वें जन्मदिन पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “@GautamGambhir को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। क्रिकेट के लिए आपका जुनून, मुकाबला करने का जज़्बा और भारतीय क्रिकेट के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरित करती रहती है। भारतीय क्रिकेट की तरक्की और शान में योगदान देते हुए आपको अच्छी सेहत, खुशी और लगातार सफलता मिले। आने वाला साल आपके लिए शानदार हो।”
अपने खेल के दिनों में, खासकर मुश्किल समय में यादगार प्रदर्शन के लिए मशहूर गंभीर ने भारत के लिए एक बेहतरीन ओपनिंग बल्लेबाज़ के तौर पर खेला। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर ओपनिंग करते हुए गेंदबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कीं। 2003 में अपने इंटरनेशनल डेब्यू से लेकर 2016 में रिटायरमेंट तक, गंभीर ने 58 बार भारत की टेस्ट टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 106 पारियों में 41.95 की औसत से 4,154 रन बनाए, जिसमें नौ शतक और 22 अर्धशतक शामिल थे और उनका बेस्ट स्कोर 206 रन था।
कभी नंबर वन टेस्ट बल्लेबाज़ रहे गंभीर का 2008-09 का दो साल का दौर शानदार रहा। इस दौरान उन्होंने 13 टेस्ट मैचों की 25 पारियों में 77.54 की औसत से 1,861 रन बनाए, जिसमें सात शतक और सात अर्धशतक शामिल थे। इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें 2009 में ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड मिला। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ नेपियर टेस्ट बचाने और भारत को 1-0 से सीरीज़ जिताने के लिए खेली गई उनकी 436 गेंदों की मैराथन 137 रनों की पारी, विदेशी धरती पर किसी भारतीय के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक मानी जाती है। 2011 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान गंभीर अपने बेहतरीन फ़ॉर्म में थे। उन्होंने नौ पारियों में 43.66 की औसत से 393 रन बनाए और सबसे ज़्यादा रन बनाने वालों की लिस्ट में छठे और अपनी टीम में दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने चार अर्धशतक लगाए, जिसमें फ़ाइनल में श्रीलंका के ख़िलाफ़ 122 गेंदों पर 97 रनों की पारी भी शामिल थी। मुंबई के खचाखच भरे वानखेड़े स्टेडियम में 275 रनों का पीछा करते हुए खेली गई इस पारी ने भारत को 28 साल बाद वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। उनकी मिट्टी से सनी जर्सी उनके पक्के इरादे और हर हाल में जीतने की सोच की निशानी है।
37 मैचों और 35 पारियों में 27.41 की औसत, 119 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट और सात अर्धशतकों के साथ 932 रन बनाने वाले गंभीर भारत के शुरुआती T20 स्टार्स में से एक थे। उन्हें 2007 ICC T20 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेली गई अपनी 75 रनों की अहम पारी के लिए सबसे ज़्यादा याद किया जाता है, जिसने भारत को 157/5 का स्कोर बनाने में मदद की और जीत दिलाई।