चार साल की एलेना मिश्रा ने रचा शतरंज इतिहास, बनीं सबसे कम उम्र की FIDE-रेटेड महिला खिलाड़ी

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari | Date 03-09-2026
Four-year-old Elena Mishra makes chess history, becoming the youngest FIDE-rated female player.
Four-year-old Elena Mishra makes chess history, becoming the youngest FIDE-rated female player.

 

भुवनेश्वर

ओडिशा की चार वर्षीय शतरंज प्रतिभा एलेना मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए आधिकारिक FIDE रेटिंग पाने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला शतरंज खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया है। सितंबर 2026 की आधिकारिक रेटिंग सूची में एलेना को 1432 की FIDE ब्लिट्ज रेटिंग मिली है। उस समय उनकी उम्र 4 वर्ष, 6 महीने और 16 दिन थी। एलेना की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि FIDE की सितंबर सूची में वह 2022 या उसके बाद जन्मी एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं, जिनके नाम किसी भी फॉर्मेट में आधिकारिक रेटिंग दर्ज है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी रेटिंग ब्लिट्ज वर्ग में दर्ज हुई है और यह रेटिंग सात मैचों के प्रदर्शन के आधार पर बनी। 
 
एलेना ने यह मुकाम ओडिशा स्टेट ब्लिट्ज FIDE रेटिंग ओपन चेस चैंपियनशिप 2026 में हिस्सा लेने के बाद हासिल किया। यह प्रतियोगिता भुवनेश्वर के मदर्स पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई थी। ChessBase India की रिपोर्ट के अनुसार, एलेना ने इस टूर्नामेंट में नौ में से चार अंक हासिल किए और दो FIDE-रेटेड खिलाड़ियों को भी हराया। उनके इसी प्रदर्शन के बाद सितंबर की FIDE सूची में उन्हें 1432 की ब्लिट्ज रेटिंग मिली। 
 
यह उपलब्धि एलेना के लिए अचानक आई सफलता नहीं है। वह इससे पहले भी ओडिशा के जूनियर शतरंज सर्किट में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। मई 2026 में आयोजित डॉ. देवेंद्र प्रधान मेमोरियल ओडिशा स्टेट अंडर-7 गर्ल्स चेस चैंपियनशिप में उन्होंने लड़कियों के वर्ग का खिताब जीता था। उन्होंने प्रतियोगिता में सात में से सात अंक हासिल करते हुए परफेक्ट स्कोर बनाया और पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहीं। 
 
उस प्रतियोगिता में एलेना ने खोरधा जिले का प्रतिनिधित्व किया था। दूसरे स्थान पर आधीश्री बुड़ेक रहीं, जिन्होंने 5.5 अंक हासिल किए। एलेना के इस प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय अंडर-7 प्रतियोगिता के लिए ओडिशा का प्रतिनिधित्व करने की पात्रता भी दिलाई थी। 
 
एलेना की आधिकारिक खिलाड़ी प्रोफाइल के अनुसार, उनका जन्म 15 फरवरी 2022 को हुआ है और वह भुवनेश्वर की रहने वाली हैं। उनका FIDE आईडी 547037830 है। उपलब्ध प्रोफाइल में उन्हें खोरधा जिला अंडर-7 गर्ल्स टीम से जुड़ा खिलाड़ी भी दर्ज किया गया है। 
 
दिलचस्प बात यह है कि एलेना ने बेहद कम उम्र में ही कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। 2025 में एक अंतरराष्ट्रीय FIDE-रेटेड टूर्नामेंट के अंडर-5 गर्ल्स आयु वर्ग में भी उनका नाम दर्ज था, हालांकि उस समय उनकी FIDE रेटिंग शून्य थी। 
 
एलेना के परिवार का भी शतरंज से गहरा जुड़ाव है। All Odisha Chess Association की रिपोर्ट में उनके पिता के रूप में ग्रैंडमास्टर स्वयम्स मिश्रा का उल्लेख है। इससे एलेना को कम उम्र में ही शतरंज का माहौल और प्रशिक्षण मिलने की पृष्ठभूमि सामने आती है। 
 
एलेना की ऐतिहासिक उपलब्धि पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में चार वर्षीय एलेना को सबसे कम उम्र में आधिकारिक FIDE रेटिंग हासिल करने वाली महिला खिलाड़ी बनने पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि इतनी कम उम्र में उनकी उपलब्धि असाधारण प्रतिभा, समर्पण और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि एलेना की यात्रा ओडिशा के और युवा खिलाड़ियों को अपने जुनून को आगे बढ़ाने तथा बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। 
 
एलेना का रिकॉर्ड ऐसे समय में सामने आया है जब ओडिशा में शतरंज को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। All Odisha Chess Association की विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। हाल में राष्ट्रीय अंडर-9 प्रतियोगिता में भी ओडिशा के कई खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जो राज्य में विकसित हो रहे युवा शतरंज आधार को दर्शाता है। 
 
चार साल की उम्र में आधिकारिक FIDE रेटिंग हासिल करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है। एलेना की कहानी खास तौर पर इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने उस उम्र में अंतरराष्ट्रीय रेटिंग सूची में जगह बनाई है, जब अधिकांश बच्चे अभी स्कूल और शुरुआती गतिविधियों की दुनिया से परिचित हो रहे होते हैं। उनकी उपलब्धि न केवल ओडिशा बल्कि भारतीय शतरंज के लिए भी एक नई युवा प्रतिभा के उभरने का संकेत देती है।
 
एलेना मिश्रा के लिए अब अगली चुनौती इस शुरुआती सफलता को निरंतर प्रदर्शन में बदलने की होगी। 1432 की ब्लिट्ज रेटिंग से शुरू हुआ उनका FIDE सफर आने वाले वर्षों में किस स्तर तक पहुंचता है, इस पर शतरंज जगत की नजर रहेगी। फिलहाल, चार साल की इस नन्ही खिलाड़ी ने इतनी कम उम्र में इतिहास रचकर भारतीय शतरंज में अपना नाम दर्ज करा दिया है।