नई दिल्ली।
ग्रेटर नोएडा और जयपुर में आयोजित पांच मैचों की मिक्स्ड डिसेबिलिटी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के सफल समापन के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भारत और डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) के प्रति आभार जताया है। इस सीरीज में इंग्लैंड की टीम ने 4-1 से जीत दर्ज की, लेकिन मैदान से परे यह आयोजन समावेशी क्रिकेट के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
ECB के हेड ऑफ डिसेबिलिटी क्रिकेट इयान मार्टिन MBE ने DCCI के महासचिव रवि कांत चौहान को भेजे औपचारिक संदेश में भारतीय बोर्ड, उसके अधिकारियों और प्रायोजकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने लिखा कि हालिया टूर्नामेंट को सफल बनाने में DCCI और उसके सहयोगियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। मार्टिन ने भारतीय मेजबानी को “शानदार” बताते हुए कहा कि इंग्लैंड की टीम अपने साथ भारत की “अद्भुत यादें” लेकर लौटी है।
ECB ने आयोजन की व्यवस्थाओं, होटलों और लॉजिस्टिक्स टीम की भी प्रशंसा की, जिन्होंने पूरी श्रृंखला के दौरान खिलाड़ियों को सहज और आरामदायक माहौल प्रदान किया। मार्टिन ने मैदान पर हुए मुकाबलों को “असाधारण” करार देते हुए कहा कि इस सीरीज ने खिलाड़ियों की क्षमता और कौशल को बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया। साथ ही उन्होंने भारतीय टीम के प्रदर्शन में आए उल्लेखनीय सुधार की भी तारीफ की।
सबसे अहम बात यह रही कि ECB ने मिक्स्ड डिसेबिलिटी क्रिकेट के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और 2027 में प्रस्तावित मिक्स्ड डिसेबिलिटी वर्ल्ड कप की भारत की योजना का समर्थन करने का संकेत दिया। इसे समावेशी क्रिकेट को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
ECB के संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए DCCI के महासचिव रवि कांत चौहान ने कहा कि यह सीरीज सिर्फ नतीजों तक सीमित नहीं थी, बल्कि समावेशी क्रिकेट के वैश्विक आंदोलन को मजबूत करने का माध्यम भी थी। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की सराहना खिलाड़ियों, आयोजकों, प्रायोजकों और सपोर्ट स्टाफ के सामूहिक प्रयासों की पुष्टि है।
DCCI के उपाध्यक्ष सुमित जैन ने कहा कि यह श्रृंखला दिखाती है कि मिक्स्ड डिसेबिलिटी क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से मान्यता मिल रही है। उन्होंने भविष्य में और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की उम्मीद जताई।
यह सीरीज न केवल उच्च स्तरीय क्रिकेट का प्रदर्शन थी, बल्कि इसने दोनों बोर्डों की उस साझा सोच को भी रेखांकित किया, जिसके तहत विभिन्न दिव्यांग श्रेणियों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।





