क्रिकेट संस्थाओं में पूर्व क्रिकेटर होने चाहिए: न्यायालय

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-02-2026
Cricket bodies should have former cricketers: Court
Cricket bodies should have former cricketers: Court

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को गैर विशेषज्ञों द्वारा खेल संस्थाओं के प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्रिकेट संघ का नेतृत्व संन्यास ले चुके क्रिकेटरों को करना चाहिए, ना कि ऐसे लोगों को जिन्हें ‘बल्ला पकड़ना भी नहीं आता’।
 
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया जिसने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के चुनावों पर रोक लगा दी थी जो मूल रूप से छह जनवरी को होने वाले थे। इसमें ‘भाई-भतीजावाद और पक्षपात’ के आरोप लगाए गए थे।
 
पीठ उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ एमसीए द्वारा दायर याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
 
सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने एमसीए की सदस्यता में अचानक हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाया।
 
रिकॉर्ड की ओर इशारा करते हुए पीठ ने कहा कि संघ में 1986 और 2023 के बीच 164 सदस्य थे लेकिन उसके तुरंत बाद नए सदस्यों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई।
 
प्रधान न्यायाधीश ने पूछा, ‘‘1986 से 2023 तक आपके पास 164 सदस्य थे और 2023 के बाद आपने बंपर ड्रॉ किया?’’
 
एमसीए और एनसीपी-एसपी विधायक रोहित पवार सहित याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने बताया कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति ने इस प्रक्रिया की देखरेख की थी जिसमें 48 सदस्यों को खारिज कर दिया गया था जबकि अन्य को शामिल किया गया था।