एशिया कप के पहले चरण में कंपाउंड तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन, रिकर्व में मिली निराशा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 26-03-2026
Compound archers shine in Asia Cup Stage 1, recurve disappoints
Compound archers shine in Asia Cup Stage 1, recurve disappoints

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
एशिया कप विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले चरण में भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने अपना दबदबा कायम रखा तथा रजत चौहान और चिकिता तनिपार्थी की शीर्ष वरीयता प्राप्त मिश्रित जोड़ी फाइनल में पहुंच गई, लेकिन रिकर्व तीरंदाजों को निराशा ही हाथ लगी।
 
भारत के दो कांस्य पदक पहले ही पक्के हो चुके हैं, जबकि पांच खिलाड़ी फाइनल में हैं। इसके अलावा भारत दो और कांस्य पदकों के लिए दावेदार है, जिससे वह पिछले साल के आठ पदकों (पांच स्वर्ण, दो रजत, एक कांस्य) के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब पहुंच गया है।
 
शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी होने के कारण क्वार्टर फाइनल में सीधे प्रवेश पाने वाले चौहान और तनिपार्थी ने लगातार दो जीत हासिल करके अपनी उत्कृष्टता साबित की।
 
भारत की मिश्रित टीम जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे को 159-155 से हराया और फिर सेमीफाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त कजाकिस्तान को 157-153 से पराजित किया।
 
दोनों मैचों में 32 तीरों के बीच संभावित 320 अंकों में से भारतीय जोड़ी ने केवल चार अंक गंवाए, जिससे उनके दबदबे का पता चलता है। इससे उन्होंने देश के लिए कुल मिलाकर छठा पदक पक्का कर दिया।
 
रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में हालांकि शीर्ष वरीयता प्राप्त रूमा बिस्वास और देवांग गुप्ता की जोड़ी को क्वार्टर फाइनल में वियतनाम की थी दाओ लोक और होआंग फी वू गुयेन से सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा।
 
भारतीय जोड़ी पहला सेट 35-37 से हार गई। उन्होंने दूसरे सेट में 36 अंक बनाकर सुधार किया, लेकिन फिर भी वे पीछे रह गए क्योंकि वियतनामी जोड़ी ने एक अंक अधिक बनाकर मुकाबले में 4-0 की बढ़त हासिल कर ली।
 
इसके बाद वियतनाम की जोड़ी ने तीसरे सेट में सिर्फ एक अंक गंवाकर मुकाबले को अपने नाम कर दिया, जिससे भारत के रिकर्व टीम के लिए एक और निराशाजनक प्रदर्शन का अंत हुआ।
 
भारत के पदकों की बढ़ती संख्या में कंपाउंड तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन का योगदान रहा है, लेकिन रिकर्व तीरंदाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं।
 
पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में देश का स्वर्ण और रजत पदक सुनिश्चित है, क्योंकि प्रथमेश जवकर और उदय कंबोज के बीच फाइनल होगा, जबकि रजत चौहान कांस्य पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।
 
महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में हरियाणा की उभरती हुई तीरंदाज रिधि फोर फाइनल में पहुंच गई हैं और उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतना होगा।