आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आस्ट्रेलिया के महान हॉकी खिलाड़ी जैमी ड्वायेर का मानना है कि भारत के पास विश्व हॉकी में शिखर पर पहुंचने के लिये प्रतिभा, कौशल और ढांचा है लेकिन इसके लिये प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी ।
आस्ट्रेलिया के लिये 365 मैचों में 244 गोल कर चुके ड्वायेर ने एथेंस ओलंपिक में नीदरलैंड के खिलाफ अतिरिक्त समय में गोल करके आस्ट्रेलिया को स्वर्ण पदक दिलाया था । वह 2010 और 2014 विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली आस्ट्रेलिया टीम के भी अहम सदस्य थे ।
एक दशक पहले संन्यास ले चुके 47 वर्ष के ड्वायेर ने भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ आधुनिक हॉकी काफी बदल चुकी है । मैंने दस साल पहले विदा ली थी और तब से अब तक खेल की रफ्तार बहुत बढ चुकी है । इसके बावजूद हमने व्यक्तिगत कौशल को बनाये रखा है । इस विश्व कप में मैने कुछ मैच देखे हैं और जिस तरह की हॉकी खेली जा रही है, उससे मैं काफी प्रभावित हूं । आज के खिलाड़ी अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली हैं ।’’
उनका मानना है कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय हॉकी टीम में भी काफी संभावनायें हैं । उन्होंने कहा ,‘‘ भारत की पुरूष टीम इस समय शीर्ष टीमों के बराबर है । वे बेहतरीन टीम हैं और टूर्नामेंट जीत सकते हैं ।’’
पेरिस और तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी भारतीय टीम को लगातार खिताब जीतने के लिये क्या सलाह देंगे, यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ भारत के पास कई अच्छे खिलाड़ी हैं जिनका कौशल देखने में मजा आता है । उनका पेनल्टी कॉर्नर बहुत अच्छा है । उन्हें नीदरलैंड, आस्ट्रेलिया या जर्मनी की तरह लगातार एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन करना होगा । ऐसा करने पर उन्हें हराना मुश्किल होगा ।’’
उनका मानना है कि हॉकी इंडिया लीग भारतीय खिलाड़ियों के विकास में मदद कर सकता है जिस तरह से आईपीएल ने क्रिकेट में किया है ।