नई दिल्ली
भारत की दिग्गज शतरंज खिलाड़ी और ग्रैंडमास्टर Koneru Humpy ने आगामी FIDE Women's Candidates Tournament से अपना नाम वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने इसके पीछे “व्यक्तिगत सुरक्षा और मानसिक संतुलन” को प्रमुख कारण बताया है। यह टूर्नामेंट 28 मार्च से साइप्रस में शुरू होकर 16 अप्रैल तक चलेगा।
कोनेरू हम्पी का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए जरूरी है।
हम्पी ने लिखा, “काफी सोच-विचार के बाद मैंने FIDE वीमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से हटने का कठिन फैसला लिया है। कोई भी प्रतियोगिता, चाहे वह कितनी ही महत्वपूर्ण क्यों न हो, व्यक्तिगत सुरक्षा और स्वास्थ्य से ऊपर नहीं हो सकती। आयोजकों की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद मैं खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला उनके लिए भावनात्मक रूप से भी कठिन है, लेकिन उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रखते हुए इसे जरूरी कदम माना। हम्पी ने यह भी स्वीकार किया कि उनके इस निर्णय को हर कोई समझ नहीं पाएगा, लेकिन उन्होंने अपनी संवेदनाओं को साझा करना जरूरी समझा।
इससे पहले भी हम्पी ने टूर्नामेंट में भागीदारी को लेकर अनिश्चितता जताई थी। उन्होंने अपने एक अन्य पोस्ट में समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा था कि वह अपने मन की बात रखना चाहती थीं, भले ही इससे स्थिति में कोई बदलाव न आए।
गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट शतरंज की दुनिया में बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। इसमें कुल 8 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में मुकाबले खेले जाते हैं, जिसमें हर खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ दो बार खेलता है। कुल 14 राउंड के बाद शीर्ष स्थान हासिल करने वाला खिलाड़ी विश्व चैंपियन के खिलाफ चुनौती पेश करता है।
यदि अंक तालिका में बराबरी होती है, तो विजेता का फैसला प्लेऑफ के जरिए किया जाता है। ऐसे में कोनेरू हम्पी का इस टूर्नामेंट से हटना न केवल भारतीय शतरंज के लिए झटका है, बल्कि प्रतियोगिता की प्रतिस्पर्धा पर भी इसका असर पड़ सकता है।