समी सुल्तान: हैदराबाद के वो कलाकार जिन्होंने कैलीग्राफी को बनाया 'सेलिब्रिटी आर्ट'

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 22-03-2026
Sami Sultan: The Artist from Hyderabad Who Turned Calligraphy into 'Celebrity Art'
Sami Sultan: The Artist from Hyderabad Who Turned Calligraphy into 'Celebrity Art'

 

रत्ना जी. चोतरानी / हैदराबाद

कैलीग्राफी (सुलेखन) केवल सुंदर लिखावट नहीं है; यह एक ऐसी कला है जो सदियों से भारत की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत का हिस्सा रही है। प्राचीन मंदिरों के शिलालेखों से लेकर मुगल काल की पांडुलिपियों और आज के डिजिटल युग तक, कैलीग्राफी ने कलात्मक अभिव्यक्ति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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प्राचीन विरासत से आधुनिक युग तक

भारतीय कैलीग्राफी का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता तक जाता है। पत्थर और ताड़ के पत्तों पर लिखे गए शुरुआती शिलालेखों से शुरू होकर यह कला मौर्य काल की 'ब्राह्मी लिपि' और गुप्त काल से होती हुई आगे बढ़ी। 8वीं से 12वीं शताब्दी के बीच इस्लामी कैलीग्राफी का आगमन हुआ, और 16वीं से 19वीं शताब्दी का मुगल काल इसका 'स्वर्ण युग' माना जाता है। हालांकि प्रिंटिंग तकनीक आने से हाथ से लिखने की कला में गिरावट आई, लेकिन 20वीं और 21वीं सदी में इसका पुनरुद्धार हुआ। आज समी सुल्तान जैसे कलाकार इसे आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़कर एक साधारण शब्द को भी मास्टरपीस बना रहे हैं।

इंजीनियर से मशहूर कलाकार बनने का सफर

पेशे से इंजीनियर समी सुल्तान के लिए कैलीग्राफी हमेशा से एक जुनून था। उन्होंने अमेरिका की संस्था IAMPETH से ऑनलाइन वर्कशॉप के जरिए प्रशिक्षण लिया। समी कला को 'इबादत' की तरह मानते हैं। उनकी मेहनत और अनोखे दृष्टिकोण ने भारतीय कैलीग्राफी की खोई हुई महिमा को वापस दिलाने में बड़ा योगदान दिया है। उनका मिशन इस पारंपरिक कला को आम जनता तक पहुँचाना है।

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हर सतह पर कला का जादू

समी सुल्तान की कला केवल कागज तक सीमित नहीं है। वे लकड़ी, कांच, चमड़े और कपड़ों (टेक्सटाइल) जैसी हर मुमकिन सतह पर अपनी कला का जादू बिखेरते हैं। वे बोतलें, परफ्यूम की शीशियाँ, वाइन ग्लास और की-चैन पर नक्काशी (engraving) करके उन्हें व्यक्तिगत और खास बनाते हैं।

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फिल्मी हस्तियों और टॉलीवुड में पहचान

समी सुल्तान की कैलीग्राफी आज बड़े पर्दे पर भी चमक रही है। 'सये रा नरसिम्हा रेड्डी' और 'कल्कि 2898 AD' जैसी फिल्मों में उनके काम ने राम चरण जैसी हस्तियों को प्रभावित किया है। उन्होंने टॉलीवुड स्टार विजय देवरकोंडा और अल्लू सिरीश के लिए शादी के निमंत्रण पत्र भी तैयार किए हैं।

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डिजिटल दुनिया में व्यक्तिगत स्पर्श

समी कहते हैं, "आज की डिजिटल दुनिया में हाथ से लिखे पत्र पुरानी यादों के उस मरहम की तरह हैं, जो हमारी भागदौड़ भरी जिंदगी को सुकून देते हैं।" लोग आज उस व्यक्तिगत स्पर्श (personal touch) को तरस रहे हैं। समी सुल्तान हाथ से लिखे पत्रों और फ्रेम किए गए कलाटुकड़ों के जरिए इस कमी को पूरा कर रहे हैं।

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त्योहारों और शादियों में नया रंग

शादियों में मेहंदी फंक्शन हो या रमजान का पवित्र महीना, समी सुल्तान की कला हर जगह अपनी छाप छोड़ रही है। वे गहनों पर इस्लामी प्रतीकों और कैलीग्राफी को उकेरते हैं। इतना ही नहीं, वे कपड़ों पर ब्रह्मांड की छवियों जैसे कि गैलेक्सी, सितारों और नेबुला को अरबी कैलीग्राफी के साथ जोड़कर अद्भुत टेक्सचर तैयार करते हैं।

एक शिक्षक के रूप में वे अपने छात्रों को इस कला के जरिए खुद से जुड़ना और आंतरिक यात्रा करना भी सिखाते हैं। समी सुल्तान ने सचमुच लिखावट को एक जीवंत और गौरवशाली कला का दर्जा दिया है।