विश्व कप 2026: फुटबॉल बना इंसानियत की नई भाषा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 23-07-2026
World Cup 2026: Football becomes a new language of humanity.
World Cup 2026: Football becomes a new language of humanity.

 

महमूद हसन

आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध छिड़े हैं। देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। ऐसे मुश्किल समय में फीफा विश्व कप एक साझा मंच बनकर उभरा है। यह केवल एक खेल का आयोजन नहीं है। फुटबॉल अब इंसानियत की एक साझी भाषा बन गया है। राजनीतिक विभाजन और सामाजिक दूरियों के इस दौर में खेल ने एकता की मिसाल कायम की है।

लोग अपने वैचारिक मतभेद भूलकर एक जगह मिलते हैं। कतर में आयोजित पिछले विश्व कप में 5 अरब लोग टीवी और डिजिटल माध्यमों से जुड़े थे। अकेले अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच खेले गए फाइनल मैच को 1.5 अरब लोगों ने देखा था। इस बार भी फुटबॉल के प्रति लोगों का यह जुनून सिर चढ़कर बोला।

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छोटे द्वीपों का बड़ा जज्बा और मैदान पर नया रोमांच

इस बार दो बहुत छोटे देशों ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को चौंका दिया। पहला देश केप वर्डे है और दूसरा कुराकाओ है। इन छोटे द्वीपीय देशों के बारे में बहुत कम लोगों ने पहले सुना था। कुराकाओ कैरेबियाई द्वीप समूह में स्थित है। केप वर्डे अफ्रीका के पश्चिमी तट के पास बसा है। इस पर लंबे समय तक पुर्तगाल का शासन रहा था। भारत के छोटे से राज्य सिक्किम जितने छोटे इस देश ने अपने खेल और जुझारूपन से सबका दिल जीत लिया। इस टीम ने अंतिम 16 के नॉकआउट दौर में जगह बनाई।

केप वर्डे के 40 साल के अनुभवी गोलकीपर वोज़िन्हा ने शानदार बचाव किए। वह हर खेल प्रेमी के लिए प्रेरणा बन गए। उन्होंने विजेता टीम स्पेन जैसी मजबूत टीमों को भी कड़ी चुनौती दी। जापान की टीम ने भी अपनी रफ्तार और तकनीक से सबको हैरान किया। दूसरी ओर जर्मनी और ब्राजील जैसी बड़ी टीमें क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंच सकीं। नॉर्वे और अमेरिका जैसी नई टीमों ने शानदार खेल दिखाया।

मिस्र ने अर्जेंटीना के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाया। हाफ टाइम तक मिस्र की टीम 2 शून्य से आगे थी। हालांकि अर्जेंटीना ने केवल 15 मिनट में 3 गोल करके मैच जीत लिया। यह इस प्रतियोगिता के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक था। दर्शकों ने इस मैच का पूरा आनंद लिया।

फुटबॉल के इतिहास और भविष्य का सुंदर संगम

मैदान पर युवाओं का हुनर देखने लायक था। यह प्रतियोगिता फुटबॉल के अतीत और भविष्य के मिलन जैसी रही। एक तरफ लियोनेल मेस्सी सबसे उम्रदराज खिलाड़ी थे। दूसरी तरफ स्पेन के लामिन यमाल सबसे युवा खिलाड़ी थे।

कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अभी अपनी किशोरावस्था में ही हैं। स्पेन के लामिन यमाल और पाओ कुबार्सी ने अपनी प्रतिभा दिखाई। स्वीडन के याचिन अयारी और मिस्र के इमाम अशूर ने भी प्रभावित किया। ऑस्ट्रेलिया के नेस्टोरी इरनकुंडा, मोरक्को के अय्यूब बौअद्दी और तुर्की के अर्दा गुलर ने भी बेहतरीन खेल दिखाया। इनकी बॉल कंट्रोल करने की कला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यह तय है कि ये युवा खिलाड़ी यूरोपीय लीगों में बड़ा नाम कमाएंगे। अर्जेंटीना के निको पाज के प्रशंसकों को निराशा हाथ लगी। उन्हें किसी भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं किलियन एम्बापे, लियोनेल मेस्सी, हैरी केन, जूड बेलिंगम और अर्लिंग हलैंड जैसे दिग्गजों ने गोल करके अपनी टीमों की अगुवाई की।

स्पेन के रोद्री ने खेल की गति को नियंत्रण में रखा। उन्हें इस विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो और नेमार अपनी टीमों को आगे नहीं ले जा सके। उनकी टीमें शुरुआती दौर में ही बाहर हो गईं। नॉर्वे और अर्लिंग हलैंड ने नॉकआउट दौर में ब्राजील को हराकर बाहर कर दिया। गोलकीपरों के शानदार बचाव ने कई नजदीकी मुकाबलों का नतीजा तय किया।

नई तकनीक और कड़े नियमों पर उठे सवाल

यह प्रतियोगिता पूरी तरह से कमियों से मुक्त नहीं थी। मैच के दौरान दिए जाने वाले हाइड्रेशन ब्रेक से खेल की रफ्तार धीमी हुई। वीएआर (VAR) तकनीक के इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए। कई गोल खारिज कर दिए गए। जानकारों का मानना है कि मैदान पर मौजूद रेफरी का फैसला ही अंतिम होना चाहिए।

मिस्र की टीम को लगा कि अर्जेंटीना के खिलाफ तकनीक के कारण उनके साथ अन्याय हुआ। मिस्र के कप्तान मोहम्मद सलाह की पेनल्टी की अपील को खारिज कर दिया गया था। कैमरों की संख्या बढ़ाने के बावजूद विवाद कम नहीं हुए। तकनीक के बाद भी कई फैसलों पर आम सहमति नहीं बन सकी।

अफ्रीकी टीमों की रफ्तार और यूरोपीय टीमों का नया रूप

अफ्रीकी देशों ने अपनी तेज रफ्तार फुटबॉल से गहरी छाप छोड़ी। कांगो, सेनेगल, आइवरी कोस्ट, मोरक्को और मिस्र ने मैदान पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। दिलचस्प बात यह है कि अधिकांश यूरोपीय टीमें आप्रवासी खिलाड़ियों से भरी थीं। इन खिलाड़ियों के माता पिता बेहतर जिंदगी की तलाश में अफ्रीका से यूरोप आए थे।

फ्रांस की टीम पेशेवर खिलाड़ियों से लैस एक मजबूत टीम की तरह दिखाई दी। लियोनेल मेस्सी, इंग्लैंड के बुकायो साका और उस्मान डेम्बेले ने शानदार हैट्रिक बनाई। रोनाल्डो इतिहास के इकलौते खिलाड़ी बने जिन्होंने लगातार 6 विश्व कप में गोल किए।

लियोनेल मेस्सी विश्व कप इतिहास में ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले को पीछे छोड़कर सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। मेस्सी ने कुल 8 गोल किए। फ्रांस के एम्बापे ने 10 गोल करके मेस्सी को पीछे छोड़ दिया और प्रतिष्ठित गोल्डन बूट पुरस्कार अपने नाम किया।

48 टीमों का नया ढांचा और महिला रेफरी की ऐतिहासिक शुरुआत

इस बार प्रतियोगिता में 32 के स्थान पर 48 देशों को खेलने का मौका मिला। इस फैसले से कुराकाओ, केप वर्डे, उज्बेकिस्तान और बोस्निया हर्जेगोविना जैसे छोटे देशों को विश्व कप खेलने का अवसर मिला।

अफ्रीकी महाद्वीप से रिकॉर्ड 9 देशों ने भाग लिया। अमेरिका की टोरी पेनसो विश्व कप मैचों में सीटी बजाने वाली पहली महिला रेफरी बनीं। इससे पहले वह 2023 महिला विश्व कप के फाइनल में भी रेफरी रह चुकी हैं।

स्टेडियमों में दर्शकों का उत्साह और डिजिटल मीडिया के रिकॉर्ड

अमेरिका के पास पहले से ही बेहतरीन खेल ढांचा मौजूद है। टिकटों के ऊंचे दामों के बावजूद स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरे रहे। इस बार 62 लाख 50 हजार से अधिक लोग मैच देखने स्टेडियम पहुंचे। यह संख्या रूस और कतर में हुए पिछले दो विश्व कप के कुल दर्शकों से भी अधिक है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस बार रिकॉर्ड 20 अरब व्यूज दर्ज किए गए। नॉर्वे के समर्थकों का प्रसिद्ध वाइकिंग रो (Viking Row) जश्न टिकटॉक पर 17 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान 1 करोड़ 30 लाख गीगाबाइट डेटा का आदान-प्रदान हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने 1 अरब से अधिक साइबर खतरों को सफलतापूर्वक नाकाम किया।

बहुत कम खेल आयोजन ऐसे होते हैं जो पूरी मानवता को एक जगह जोड़ने का जज्बा रखते हैं। फुटबॉल का यह महाकुंभ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

( लेखक: महमूद हसन, आईएएस (सचिव, प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण, पेंशन और जन शिकायत विभाग, असम सरकार, दिसपुर, गुवाहाटी। ईमेल: [email protected])

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

फीफा विश्व कप 2026 में कुल कितनी टीमों ने भाग लिया?

इस बार प्रतियोगिता में 32 के बजाय 48 टीमों ने हिस्सा लिया। इससे छोटे देशों को भी खेलने का मौका मिला।

फीफा विश्व कप 2026 का गोल्डन बूट पुरस्कार किसने जीता?

फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बापे ने 10 गोल करके गोल्डन बूट पुरस्कार जीता।

विश्व कप 2026 का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी किसे चुना गया?

स्पेन के मिडफील्डर रोद्री को पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।