नई दिल्ली
शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक लिवर (यकृत) है, जो भोजन को पचाने, विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पोषक तत्वों को संग्रहित करने और शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लिवर का स्वास्थ्य काफी हद तक हमारी रोजमर्रा की खान-पान की आदतों पर निर्भर करता है। संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर लिवर से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों, जैसे फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि लिवर को स्वस्थ रखने के लिए किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किनसे दूरी बनानी चाहिए।
जई यानी ओट्स फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और लिवर के कार्यों को सुचारु रूप से चलाने में मदद करता है। नियमित रूप से ओट्स खाने से वजन नियंत्रित रहता है और पेट की अतिरिक्त चर्बी कम करने में भी सहायता मिलती है। मोटापा और पेट के आसपास जमा वसा फैटी लिवर का बड़ा कारण मानी जाती है, इसलिए दिन की शुरुआत ओट्स जैसे पौष्टिक भोजन से करना फायदेमंद हो सकता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए हरी सब्जियों का सेवन बेहद जरूरी है। ब्रोकोली में मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट लिवर में अतिरिक्त वसा जमा होने से रोकने में मदद कर सकते हैं। कुछ शोध बताते हैं कि इसका नियमित सेवन मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) के खतरे को कम कर सकता है। इसलिए अपने भोजन में ब्रोकोली, पत्तागोभी और अन्य हरी सब्जियों को शामिल करें।
पालक में ग्लूटाथियोन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। पालक को सब्जी, सूप या हल्का भूनकर भी खाया जा सकता है। इसे नियमित आहार का हिस्सा बनाने से शरीर को कई आवश्यक विटामिन और खनिज भी मिलते हैं।
अगर आप कॉफी पीने के शौकीन हैं तो अच्छी खबर यह है कि सीमित मात्रा में कॉफी लिवर के लिए लाभदायक हो सकती है। कई अध्ययनों के अनुसार, प्रतिदिन दो से तीन कप बिना अधिक चीनी वाली कॉफी लिवर को नुकसान से बचाने और कुछ मामलों में लिवर कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक हो सकती है। हालांकि अत्यधिक कैफीन का सेवन करने से बचना चाहिए।
ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ताजी बनाई गई ग्रीन टी का सेवन लिवर के स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। हालांकि ग्रीन टी के एक्सट्रैक्ट या सप्लीमेंट्स का सेवन बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए तली-भुनी और अत्यधिक वसायुक्त चीजों से बचना जरूरी है। फ्रेंच फ्राइज़, बर्गर, पिज्जा और अत्यधिक संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ लिवर में सूजन और वसा जमा होने का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक ऐसा भोजन करने से सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
अधिक मात्रा में चीनी खाने से लिवर अतिरिक्त वसा बनाने लगता है। यह वसा धीरे-धीरे लिवर में जमा होकर फैटी लिवर यानी MASLD जैसी समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए मिठाइयों, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करें।
सिर्फ सही भोजन ही नहीं, बल्कि नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी पीना, संतुलित वजन बनाए रखना, धूम्रपान और शराब से दूरी तथा पर्याप्त नींद भी लिवर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि पहले से लिवर संबंधी कोई बीमारी है या लगातार थकान, पेट में दर्द या पीलिया जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।