जाहूर लोने और सुहैल खान की टीम ने Breckenridge International Snow Sculpture Championship 2026 में भारत को दिलाया गौरव

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari | Date 02-02-2026
Team Snow India contributed to the progress of young Muslim artists from Kashmir by winning a bronze medal and the People's Choice Award at the Breckenridge International Snow Sculpture Championship 2026.
Team Snow India contributed to the progress of young Muslim artists from Kashmir by winning a bronze medal and the People's Choice Award at the Breckenridge International Snow Sculpture Championship 2026.

 

आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली  

भारत ने फिर एक बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। Team Snow India ने अमेरिका के कोलोराडो स्थित Breckenridge International Snow Sculpture Championship 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल और पीपुल्स चॉइस अवार्ड जीते। यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए गर्व का क्षण है बल्कि दक्षिण एशिया में स्नो मूर्तिकला (Snow Sculpture) की नई पहचान भी स्थापित करती है।

अंतर्राष्ट्रीय मूर्तिकला चैंपियनशिप का स्थान 

इस साल टीम ने अपनी 16 फीट ऊँची और 25 टन वजन वाली बर्फ की मूर्ति “Corn: The Ultimate Domesticator — Who is truly in control?” प्रस्तुत की। यह मूर्ति मानव और प्रकृति के बीच के रिश्ते को मजेदार और गहराई से दर्शाती है। टीम ने इसे सिर्फ हाथ के औजारों और कल्पना का इस्तेमाल करके चार दिनों में तराशा, और -25°C से -35°C जैसी बेहद ठंडक में मेहनत की।

Team Snow India: कलाकार और नेतृत्व

टीम में चार प्रतिभाशाली सदस्य शामिल थे:

  • जाहूर अहमद लोने (कश्मीर, भारत) – टीम लीडर

  • सुहैल मोहम्मद खान (कश्मीर, विशेष रूप से सक्षम)

  • मृदुल उपाध्याय

  • मैट सीली (USA)

टीम ने अपने कौशल और रचनात्मकता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनकी मूर्ति ने न केवल जजों का दिल जीत लिया बल्कि दर्शकों को भी हंसी और सोचने पर मजबूर कर दिया।

मूर्ति का विषय और प्रेरणा

Corn: The Ultimate Domesticator” नामक यह मूर्ति Yuval Noah Harari की किताब Sapiens से प्रेरित है। यह विचार करती है कि इंसानों ने मक्का को पालतू बनाया, लेकिन शायद समय के साथ मक्का ने ही इंसानों को अपने हिसाब से ढाला। मूर्ति यह सवाल उठाती है कि आखिरकार नियंत्रण किसके पास है – इंसानों के या प्रकृति/फसलों के पास?

प्रतियोगिता और अंतरराष्ट्रीय मंच

इस बार प्रतियोगिता में दुनिया की 12 अंतरराष्ट्रीय टीमें शामिल थीं, जिनमें USA, Germany, Mexico, Finland, Canada, Mongolia, South Korea, Argentina और Turkey शामिल थीं। जजों की पांच सदस्यीय टीम ने लगभग 6 घंटे में सभी 12 मूर्तियों का मूल्यांकन किया।

  • Gold – South Korea (“Beauty Beyond Difference: Harmony of Coexistence”)

  • Silver – Mongolia (“Lassoing Time”)

  • Bronze – India (Team Snow India)

इस जीत के साथ भारत दो बार लगातार इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने वाला दक्षिण एशियाई पहला देश बन गया है।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सफलता

Team Snow India ने सीमित संसाधनों और वित्तीय सहायता के बावजूद अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। बर्फ की मूर्ति बनाने में कोई पावर टूल्स या आंतरिक समर्थन इस्तेमाल नहीं किया गया। पूरी मेहनत और रचनात्मकता हाथ से ही की गई।

टीम के सदस्य मृदुल उपाध्याय ने कहा:
"जूरी और लोगों के पुरस्कार दोनों जीतना बेहद खास अनुभव है। हर बर्फ का टुकड़ा हमारी टीमवर्क, जुनून और भारत की रचनात्मकता की कहानी बताता है।"

टीम लीडर जाहूर अहमद लोने ने बताया कि कठिन मौसम और समय की चुनौतियों के बावजूद उनकी मूर्ति ने जजों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया।

Team India -Zahoor Ahmed Lone, Suhail Mohammad Khan, Mridul Upadhyay with their snow sculpture

 

टीम इंडिया: जाहूर अहमद लोने, सुहैल मोहम्मद खान और मृदुल उपाध्याय अपनी स्नो मूर्ति के साथ

मुस्लिम युवाओं की उपलब्धियाँ और प्रेरणा

Team Snow India की सफलता सिर्फ भारत के लिए ही गर्व का क्षण नहीं है, बल्कि कश्मीरी और मुस्लिम युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। जाहूर अहमद लोने और सुहैल मोहम्मद खान जैसी युवा प्रतिभाएँ दिखाती हैं कि संकट और सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, रचनात्मकता और हौसला सफलता की कुंजी है।

यह कहानी यह भी साबित करती है कि मुस्लिम युवा अब केवल शिक्षा और पारंपरिक पेशों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि कला, खेल, विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। कश्मीर जैसे चुनौतीपूर्ण परिवेश से उठकर ये युवा वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि अन्य मुस्लिम युवाओं को यह संदेश देती है कि सपने बड़े हों और हौसला मजबूत हो तो दुनिया के किसी भी कोने में भारत और मुस्लिम समुदाय का नाम रोशन किया जा सकता है।

भारत के लिए महत्व और भविष्य

इस उपलब्धि के साथ भारत स्नो आर्ट और शीतकालीन कला (Snow Art, Winter Art in India) के मानचित्र पर अपनी पहचान बना चुका है। यह जीत विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों और कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा है और उन्हें स्नो आर्ट और शीतकालीन पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करती है।

Team Snow India ने अपनी उपलब्धियों को साझा करते हुए सरकार और स्थानीय संस्थाओं से आग्रह किया है कि स्नो आर्ट और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय प्रतिभाओं को समर्थन और प्रोत्साहन मिले।

इस जीत ने यह साबित किया है कि भारत केवल गर्म देशों में ही नहीं, बल्कि बर्फ और ठंडे मौसम की कला में भी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। और सबसे महत्वपूर्ण बात, यह कहानी मुस्लिम युवाओं और भारतीय युवा प्रतिभाओं के जज्बे, मेहनत और रचनात्मकता को उजागर करती है।