तिरुवल्लूर के समुद्री खाद्य निर्यात कारखाने में रखी अमोनिया गैस निकालने का काम शुरू

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-07-2026
Work begins to remove ammonia gas stored at the seafood export factory in Tiruvallur
Work begins to remove ammonia gas stored at the seafood export factory in Tiruvallur

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
तमिलनाडु के अधिकारियों ने एक स्थानीय समुद्री खाद्य निर्यात कंपनी में रखी अमोनिया गैस को सुरक्षित तरीके से निकालने और हटाने के लिए कई एजेंसियों की मदद से शनिवार को अभियान शुरू किया।

इसी कंपनी में पिछले महीने गैस रिसाव की घटना में 18 प्रवासी महिला श्रमिकों की मौत हो गई थी।
 
तिरुवल्लूर की जिलाधिकारी एस. कविता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि आसपास के इलाके में यातायात का मार्ग एहतियातन बदल दिया गया है और परिसर के 300 मीटर के दायरे में स्थित पड़ोसी औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों को वहां से निकाल लिया गया है।
 
अमोनिया गैस निकालने की प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरू हुई और इसे शाम पांच बजे तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने कहा कि काम पूरा नहीं होने पर अभियान रविवार सुबह तक भी जारी रह सकता है।
 
यह अभियान ‘सेंट पीटर एंड पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ के संयंत्र में 21 जून को हुई गैस रिसाव की घटना के बाद शुरू किया गया है। संयंत्र में शीतलन पाइप से जहरीली अमोनिया गैस के रिसाव के कारण 18 महिला श्रमिकों की मौत हो गई थी और सांस लेने में गंभीर तकलीफ के कारण 80 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सभी मृतक प्रवासी श्रमिक थीं और उनमें से अधिकतर ओडिशा, असम और झारखंड की रहने वाली थीं।
 
इस घटना के बाद राज्य सरकार, राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने औद्योगिक सुरक्षा में कथित खामियों को लेकर जांच शुरू की थी। इसके बाद कारखाने के मालिकों को गिरफ्तार किया गया।
 
कविता ने शनिवार के अभियान का विवरण देते हुए कहा कि यह कार्रवाई दो दिन तक योजना बनाने के बाद सुरक्षा दल, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन एवं बचाव सेवा, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों के समन्वय से की जा रही है।
 
प्राधिकारियों ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 30 मीटर के क्षेत्र को ‘हॉट जोन’ घोषित कर वहां प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। सुरक्षा किट से लैस केवल 15 तकनीकी विशेषज्ञों को गैस हटाने की अनुमति दी गई है। अग्निशमन, स्वास्थ्य और बचाव सेवा के कर्मियों को 30 से 75 मीटर के दायरे में तैयार रखा गया है। ‘हॉट जोन’ से वॉकी-टॉकी के जरिये आपात संदेश मिलने पर ये कर्मी तुरंत कार्रवाई करेंगे।
 
परिसर के 300 मीटर के दायरे में सुरक्षा घेरा बनाया गया है। इस क्षेत्र में यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है और अतिरिक्त आपात दल तैनात किए गए हैं।