आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) के स्थान पर नया ‘विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो जाएगा।
इसमें कहा गया है कि नए अधिनियम में एक नया ढांचा होगा जो ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का वैधानिक वैतनिक रोजगार देने का वादा करता है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक बयान में इसे भारत की ग्रामीण विकास संरचना में एक "ऐतिहासिक परिवर्तन" बताया है, जो "विकसित भारत 2047" की परिकल्पना के अनुरूप है।
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अधिनियम एक जुलाई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो जाएगा और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम उसी दिन से समाप्त हो जाएगा।
अधिसूचना में आश्वासन दिया गया है कि मनरेगा से नए ढांचे की ओर परिवर्तन से श्रमिकों के लिए कोई व्यवधान नहीं होगा।
अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘30 जून तक मनरेगा के तहत जारी कार्यों को सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के नए ढांचे में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।’’
इसमें कहा गया है कि मौजूदा ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड नए "ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड" जारी होने तक वैध रहेंगे, और यह भी कहा गया है कि जॉब कार्ड के बिना श्रमिक ग्राम पंचायत स्तर पर पंजीकरण कराना जारी रख सकते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि लंबित ई-केवाईसी के कारण श्रमिकों को रोजगार से वंचित नहीं किया जाएगा।