आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में ट्रांसफॉर्मर खरीद में 397 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की सीबीआई जांच के निर्देश देने वाले मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
शीर्ष अदालत ने इस संबंध में तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया।
मद्रास उच्च न्यायालय ने 2021 से 2023 के बीच राज्य के बिजली मंत्री के रूप में बालाजी के कार्यकाल के दौरान ट्रांसफॉर्मर खरीद में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली बालाजी की याचिका पर सुनवाई से सोमवार को इनकार कर दिया।
तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (टीएएनजीईडीसीओ) के एक अधिकारी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि उच्च न्यायालय के समक्ष सीबीआई जांच की कोई विशेष प्रार्थना नहीं की गई थी और यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
दवे ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय के समक्ष सीबीआई जांच की कोई मांग नहीं की गई थी। यह राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला है।’’
इस पर न्यायमूर्ति नाथ ने कहा कि यदि परिस्थितियां इसकी मांग करती हैं तो अदालत ऐसी जांच का निर्देश देने के लिए सक्षम है।