उत्तराखंड CM धामी ने देहरादून में दो दिवसीय माल्टा फेस्टिवल में लिया हिस्सा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 08-01-2026
Uttarakhand CM Dhami participated in the two-day Malta Festival in Dehradun.
Uttarakhand CM Dhami participated in the two-day Malta Festival in Dehradun.

 

देहरादून

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटीबीपी स्टेडियम, सीमा द्वार में सेवा संकल्प (धरणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल्टा फेस्टिवल में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों के किसानों से बातचीत की और फेस्टिवल में प्रदर्शित माल्टा व नींबू आधारित उत्पादों का स्वाद चखा।

अपने संबोधन में CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड, विशेषकर इसकी पहाड़ी क्षेत्रों में, माल्टा उत्पादन के लिए विशाल संभावनाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए माल्टा मिशन की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य माल्टा के उत्पादन, विपणन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ेगी और उत्तराखंड के स्थानीय फलों को राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान मिलेगी। इसके अलावा, सरकार कीवी, सेब, आड़ू, आलूबुखारा, नींबू और अन्य देशी फलों की खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है।

CM धामी ने यह भी बताया कि माल्टा फेस्टिवल जैसे आयोजन सीधे किसानों को उपभोक्ताओं और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और स्थानीय उत्पादों का प्रचार-प्रसार बढ़ता है।

इसके पहले, मंगलवार को मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने BIS के पिछले आठ दशकों में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता सुरक्षा में योगदान की सराहना की और कहा कि BIS उद्योग, विज्ञान और अर्थव्यवस्था के विकास में मजबूत आधार बना है।

धामी ने बताया कि मानकीकरण का क्षेत्र अब सिर्फ उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं तक फैला है। BIS ने डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिसाइकल्ड मैटेरियल और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में समय पर मानक स्थापित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाथ-crafted, ऑर्गेनिक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियों और पारंपरिक खाद्य उत्पादों के लिए उच्च गुणवत्ता मानक स्थापित कर रही है और "House of Himalayas" ब्रांड के माध्यम से इन उत्पादों को वैश्विक पहचान दी जा रही है।