Use AI to aid investigations, not as a substitute for human judgment: Praveen Sood
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल जांच में तेजी लाने के एक साधन के तौर पर किया जाना चाहिए न कि मानवीय निर्णय के विकल्प के रूप में।
सीबीआई प्रमुख ने एजेंसी में शामिल होने वाले 134 उप निरीक्षकों की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए कहा कि वे आजीवन सीखने की मानसिकता अपनाएं क्योंकि पुलिसिंग में लगातार विकसित होने वाली चुनौतियां शामिल होती हैं और इसका कोई निश्चित पाठ्यक्रम नहीं होता है।
उन्होंने अधिकारियों को प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि जांच में तेजी लाई जा सके, खासकर बड़ी मात्रा में डिजिटल आंकड़ों के प्रबंधन में। सूद ने साथ ही रेखांकित किया कि प्रौद्योगिकी एक सहायक है, न कि मानवीय निर्णय का विकल्प।
सीबीआई प्रमुख ने अकादमी में उन्नत साबइर साक्ष्य में प्रशिक्षण और अनुसंधान प्रयोगशाला (टीआरएसीई) का भी उद्घाटन किया, जो डिजिटल परिदृश्य और प्रतिक्रिया पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य वास्तविक दुनिया के जांच परिदृश्यों के माध्यम से साइबर अपराध जांच, डिजिटल फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रबंधन में अधिकारियों की व्यावहारिक क्षमता का निर्माण और संवर्धन करना है।