18% US tariff will maintain India's attractiveness as a global manufacturing hub: ICEA
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मोबाइल उद्योग के निकाय आइसीईए ने मंगलवार को कहा कि भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर तय की गई 18 प्रतिशत की शुल्क दर एक वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में भारत के आकर्षण को बनाए रखेगी।
भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत वाशिंगटन भारतीय सामानों पर जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा।
आइसीईए के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने एक बयान में कहा, ''यह भारत के लिए एक सकारात्मक परिणाम है। इस शुल्क दर के साथ भारत प्रमुख विनिर्माण प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है और एक वैश्विक विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र के रूप में अपना आकर्षण बरकरार रखे हुए है।''
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि हम सौदे के विस्तृत विवरण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यह दिशा स्पष्ट रूप से विनिर्माण को बढ़ाने और अमेरिका के नेतृत्व वाली वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स में गहराई से जुड़ने की भारत की रणनीति का समर्थन करती है।
सूत्रों के अनुसार मोबाइल फोन और सेमीकंडक्टर सहित इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद शुल्क से मुक्त बने हुए हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 19 प्रतिशत बढ़कर 11.3 लाख करोड़ रुपये हो गया और निर्यात 37.5 प्रतिशत बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये रहा।