पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के हमले तेज, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष और गहराया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-07-2026
US and Iran escalate attacks in West Asia, deepening conflict over the Strait of Hormuz
US and Iran escalate attacks in West Asia, deepening conflict over the Strait of Hormuz

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को भी बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले जारी रहे।
 
दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार तीव्र होता जा रहा है।
 
पिछले कई दिनों से दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। अंतरिम युद्धविराम टूटने के बाद, इस युद्ध के जल्द समाप्त होने के कोई संकेत नहीं हैं।
 
‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड’ ने बताया कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के खिलाफ अभियान में उसकी सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से हमले किए। शनिवार तड़के जारी बयान में कहा गया कि इन हमलों में निगरानी केंद्रों, सैन्य रसद ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
 
वहीं कुवैत ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही रोककर मार गिराया। बहरीन में भी हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए।
 
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हाल के अमेरिकी हमलों में दर्जनों लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने भी अपने कई और सैनिकों के घायल होने की पुष्टि की है।
 
ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बाधित कर दी, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के न्यूनतम स्तर पर आ गई।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा,‘‘ ईरान में भी हम बड़ी सफलता की ओर बढ़ रहे हैं और इसके नतीजे बहुत जल्द दुनिया के सामने होंगे।’’
 
युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी। अब ट्रंप पर युद्ध समाप्त करने और लंबे समय तक चलने वाले पश्चिम एशिया संघर्ष से बचने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।
 
ईरान में पुलों और बिजली ढांचे पर हमले हुए है।