आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के एक मिनट के भीतर ही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई और प्रश्नकाल एवं शून्यकाल नहीं चल सके।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जब प्रश्नकाल शुरू कराया तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।
वे अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की अपनी मांग दोहरा रहे थे।
बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘प्रश्नकाल महत्वपूर्ण होता है और इसमें सदस्यों को अवसर मिलना चाहिए। मेरा आग्रह है कि प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। प्रश्नकाल के बाद सभी मुद्दों पर आपसे चर्चा करुंगा।’’
उन्होंने आसन के पास आकर नारे लगा रहे और पोस्टर लहरा रहे सदस्यों से कहा, ‘‘सदन के अंदर या बाहर नारेबाजी लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। आप नियोजित तरीके से पोस्टरबाजी करके और प्रदर्शन करके सदन की गरिमा को गिराना चाहते हैं।’’
शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण आज लगातार 13वें दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके।