नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आवास पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 37 सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की। यह बैठक संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सांसदों के साथ उनकी बातचीत के सिलसिले का हिस्सा थी। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों के साथ अपने निजी अनुभव साझा किए और अनौपचारिक बातचीत की। इस बैठक में नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (NCPI) गठबंधन से जुड़े सांसद, AAP के वे पूर्व नेता जो बाद में BJP में शामिल हुए, और पार्टी के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े तथा पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल थे।
यह नाश्ता बैठक प्रधानमंत्री की उस परंपरा का हिस्सा थी जिसके तहत वे संसद सत्रों के दौरान BJP सांसदों के अलग-अलग समूहों से मिलकर बातचीत करते हैं और विचार-विमर्श करते हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब विपक्ष संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और PM मोदी की मौजूदगी की मांग कर रहा है और जनता से जुड़े मुद्दों पर उनसे जवाब चाहता है। सदन में लगातार हंगामे के बीच बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता (LoP) और कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष की इस मांग को दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संसद में बयान दें। खड़गे ने कहा, "हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं। उन्हें अपना बयान देना चाहिए; हम चर्चा के लिए तैयार हैं। समाधान चर्चा से ही निकलेगा।" उन्होंने आगे कहा, "सदन की कार्यवाही शुरू हुए कई दिन हो गए हैं। उन्हें आना चाहिए; सदन में न आकर वे संसद का अपमान कर रहे हैं।"
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह विरोध 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'पुलिस कार्रवाई', अयोध्या राम मंदिर दान में कथित गबन और अन्य मुद्दों को लेकर था। उन्होंने प्रेरणा स्थल पर गांधी प्रतिमा से संसद के मकर द्वार तक मार्च किया।