उप्र : ‘एआईएनईएफ’ ने किया कॉजपा के 'स्कूल ठीक करो' अभियान का कड़ा विरोध

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-08-2026
UP: AINEF strongly opposes CJP's 'Fix Schools' campaign
UP: AINEF strongly opposes CJP's 'Fix Schools' campaign

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत किये जा रहे स्कूलों के सर्वे का ‘ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लाइज फेडरेशन’ (एआईएनईएफ) ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पूरे देश में इस अभियान से विद्यालयों में भय का वातावरण पैदा होगा।

फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंकुर त्रिपाठी ने कहा कि शाहजहांपुर में ऑनलाइन बैठक में पूरे देश के 100 से ज्यादा पदाधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा 10 सवालों के आधार पर विद्यालयों में किये जा सर्वे का कड़ा विरोध किया गया है।
 
उन्होंने कहा कि बैठक में कहा गया कि सरकारी विद्यालय में किसी राजनीतिक दल तथा संगठन एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा अपने स्तर पर जाकर निरीक्षण, ऑडिट करने एवं विद्यालयों को सूचनाओं को संकलन करने से गंभीर वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रश्न खड़े होते हैं।
 
त्रिपाठी ने बताया कि फेडरेशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी इस आशय का एक पत्र भेजा है जिसमें कॉकरोच पार्टी द्वारा की गई घोषणा की जांच करने एवं स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई है।
 
उन्होंने बताया कि ‘ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लाइज फेडरेशन’ में शिक्षा विभाग तथा प्रशासनिक विभागों से जुड़े 65 संगठन शामिल हैं।
 
त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी विद्यालय बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षा के केंद्र हैं, यदि बाहरी राजनीतिक समूह बिना प्रशासनिक अनुमति अथवा बिना सक्षम अधिकारी के प्रवेश अथवा आडिट करने लगेंगे तो संबंधित व्यक्तियों के बीच तनाव एवं टकराव की स्थिति पैदा होगी तथा भय का वातावरण बनेगा।
 
उन्होंने कहा कि बैठक में सरकारी स्कूलों की नाबालिग विद्यार्थियों के फोटो वीडियो तथा उनकी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया।
 
त्रिपाठी ने बताया कि फोडरेशन की मांग है कि अगर कोई संगठन विद्यालय में जाकर बिना सक्षम अधिकारी के आडिट या सर्वे करेगा तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा, चाहे टकराव की स्थिति क्यों न पैदा हो।
 
उन्होंने कहा कि हर विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति बनी है वही जांच आदि कर सकती है और अभिभावकों को अगर कोई समस्या है तो वह प्रबंध समिति में अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे न कि आडिट या सर्वे करेंगे।