ग्रेट निकोबार से जुड़ी चिंताओं से बेपरवाह सरकार निजी क्षेत्र को इसमें शामिल कर रही है: कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-01-2026
Unconcerned about concerns related to Great Nicobar, the government is involving the private sector: Congress
Unconcerned about concerns related to Great Nicobar, the government is involving the private sector: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर फिर निशाना साधा और दावा किया कि इससे जुड़ी चिंताओं की अनदेखी कर अब इसमें निजी क्षेत्र के लोगों को शामिल किया जा रहा है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि एक बड़े कॉरपोरेट समूह के हित में यह सब किया जा रहा है।
 
पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "ग्रेट निकोबार परियोजना को मोदी सरकार ज़बरदस्ती आगे बढ़ा रही है, जबकि इसके गंभीर पारिस्थितिकी (पर्यावरणीय) दुष्प्रभावों के ठोस प्रमाण लगातार सामने आ रहे हैं। इस परियोजना ने व्यापक चिंता पैदा की है। जिस तरीके से पर्यावरण तथा अन्य क़ानूनों की अनदेखी करके इसे आगे बढ़ाया जा रहा है, उसके ख़िलाफ़ दायर याचिकाएं कलकत्ता उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण में लंबित हैं।"
 
उनका कहना है, "अब मोदी सरकार की इस जिद का एक अहम कारण भी स्पष्ट हो गया है। केंद्रीय पोत परिवहन, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में प्रस्ताव दिया है कि ग्रेट निकोबार परियोजना के एक अनिवार्य हिस्से, गलाथिया बे अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया जाए। "
 
उन्होंने दावा किया कि इस सिफ़ारिश के पीछे सरकार किस निजी कॉरपोरेट समूह को ध्यान में रखे हुए है, इसमें कोई रहस्य नहीं है।
 

 

रमेश ने कहा, " यह वही समूह है जो देश में पहले से ही 13 बंदरगाहों और टर्मिनलों का मालिक और संचालक है और कॉरपोरेट दुनिया में सबसे बड़ा प्रभावशाली खिलाड़ी माना जाता है , वह भी प्रधानमंत्री के आशीर्वाद के साथ।"