आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कर्नाटक के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री प्रियंक खरगे ने शुक्रवार को विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सोशल मीडिया का विशेष रूप से बच्चों के बीच जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले उपायों के संबंध में परामर्श कर रही है।
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री सुरेश कुमार ने बच्चों के सोशल मीडिया, जिसमें अश्लील सामग्री भी शामिल है, के समय से पहले संपर्क में आने पर चिंता व्यक्त की थी। मंत्री ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों के जवाब में यह बात कही।
विधायक ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा हाल ही में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया मंचों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का हवाला दिया और केंद्र सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में भी सोशल मीडिया तक पहुंच के लिए आयु सीमा निर्धारित करने पर जोर देने का जिक्र किया।
बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के सुझावों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि ऑनलाइन मंचों तक उम्र आधारित पहुंच पर विचार किया जाना चाहिए और साथ ही डिजिटल लत से बचने के लिए ऑनलाइन शिक्षण को भी कम किया जाना चाहिए।
खरगे की सदन में उपस्थिति की ओर इशारा करते हुए कुमार ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया ने एक बहुत ही गंभीर निर्णय लिया है कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया के संपर्क में नहीं आना चाहिए। बृहस्पतिवार को लोकसभा में प्रस्तुत रिपोर्ट (आर्थिक सर्वेक्षण) में भी बच्चों के समय से पहले सोशल मीडिया के संपर्क में आने पर चिंता व्यक्त की गई है।’’
उन्होंने बच्चों के अश्लील सामग्री के संपर्क में आने पर भी चिंता व्यक्त की।
मंत्री खरगे ने वरिष्ठ विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दे को ‘‘गंभीर मामला’’ माना।
उन्होंने कहा, ‘‘फिनलैंड ने भी कार्रवाई की है, ब्रिटेन इस पर विचार कर रहा है, ऑस्ट्रेलिया द्वारा प्रतिबंध लगाए हुए कुछ महीने हो गए हैं। हम भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के लिए क्या किया जाना चाहिए, इस संबंध में परामर्श कर रहे हैं।’’