भीषण गर्मी से धधके उधमपुर के जंगल, 21 आग की घटनाओं से वन विभाग अलर्ट

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 10-06-2026
Udhampur forests ablaze due to scorching heat; Forest Department on alert following 21 fire incidents.
Udhampur forests ablaze due to scorching heat; Forest Department on alert following 21 fire incidents.

 

उधमपुर।

जम्मू-कश्मीर के Udhampur जिले में जारी भीषण गर्मी और लू के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बुधवार को रामनगर के रंग वन क्षेत्र में एक और बड़ी आग लगने की घटना सामने आई, जिसने वन विभाग की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। पिछले कुछ सप्ताह से क्षेत्र में तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है, जिसके चलते जंगलों में आग लगने की घटनाओं में तेजी आई है।

रामनगर के मंडलीय वन अधिकारी (डीएफओ) Naresh Majotra ने बताया कि इस सीजन में अब तक कुल 21 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहली आग 22 मई को लगी थी और उसके बाद से छोटे और बड़े स्तर की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

डीएफओ के अनुसार, वन विभाग ने स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। विभिन्न वन क्षेत्रों में 11 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और विभाग का पूरा स्टाफ लगातार मैदान में तैनात है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में आग नहीं भी लगी है, वहां भी वनकर्मी निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी नई घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

हालांकि आग बुझाने की प्रक्रिया आसान नहीं है। नरेश मजोत्रा ने बताया कि तेज और बदलती हुई हवाएं आग पर नियंत्रण पाने की कोशिशों में सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं। कई मामलों में आग को नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन हवा की दिशा बदलने से आग फिर फैलने लगी। उन्होंने कहा कि जंगलों में मौजूद सूखी वनस्पति और चीड़ के पेड़ों के शंकु आग को दोबारा भड़काने का कारण बन सकते हैं।

वन अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझ जाने के बाद भी खतरा खत्म नहीं होता। यदि कोई जलता हुआ चीड़ का शंकु या छोटी सी चिंगारी किसी सुरक्षित क्षेत्र में पहुंच जाए तो आग दोबारा भड़क सकती है। यही वजह है कि आग पर नियंत्रण के बाद भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।

चार दिन पहले भी उधमपुर जिले के फ्लाटा गांव के निकट डब्बर क्षेत्र के जंगलों में आग लग गई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। वन क्षेत्र अधिकारी Ayush Gupta ने बताया कि उनकी टीम पहले तिरछी वन क्षेत्र में लगी आग को नियंत्रित करने में जुटी थी। वहां स्थिति संभालने के बाद वे तुरंत डब्बर क्षेत्र पहुंचे और आग बुझाने के अभियान की निगरानी की।

वन विभाग ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जंगलों में आग लगने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने भी अगले तीन से चार दिनों तक लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए विभाग ने स्थानीय लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

वन अधिकारियों ने नागरिकों से कहा है कि वे जंगलों या वन क्षेत्रों के आसपास आग न जलाएं और न ही ज्वलनशील पदार्थ फेंकें। विभाग का कहना है कि वनाग्नि से न केवल हजारों पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि वन्यजीवों, पक्षियों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे हालात को देखते हुए उधमपुर के जंगलों में आने वाले दिनों में भी खतरा बना रह सकता है। ऐसे में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन सतर्कता बढ़ाने तथा लोगों को जागरूक करने में जुटा हुआ है, ताकि जंगलों और वन्यजीवन को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।